महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति के सहयोग से जीविका दीदियां कर रही स्वरोजगार

महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति के सहयोग से जीविका दीदियां कर रही स्वरोजगार

हलसी. ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए जीविका द्वारा गठित एवं संपोषित सामुदायिक संगठनों द्वारा उन्हें ऋण प्रदान करते हुए स्वावलंबी बनाया जा रहा है. इस कार्य के लिए जीविका द्वारा संकुल स्तरीय संघी को आवंटित राशि और उसमें से खर्च हुए राशि का हिसाब किताब विभिन्न पुस्तिकाओं में रखा जाता है. जीविका से संबद्ध सामुदायिक संगठनों के माध्यम से स्वरोजगार एवं जीविकोपार्जन के लिए खर्च किए गए राशि का ब्यौरा संगठन की पदाधिकारी वार्षिक आम सभा में प्रस्तुत करती है. हलसी प्रखंड में गठित स्थित जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, लखीसराय द्वारा वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया. आम सभा का शुभारंभ जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीति कुमारी एवं जीविका दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. जिसके बाद मास्टर बुक कीपर पूनम कुमारी ने अधिकार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. समिति के वार्षिक आय-व्यय का ब्यौरा अधिकार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की अध्यक्ष संजू देवी द्वारा पेश किया गया. समिति का बजट पेश करते हुए संजू देवी ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित स्वावलंबी सहकारी समिति ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में वित्तीय समावेशन, कृषि, पशुपालन, मुर्गीपालन, स्वरोजगार, सामाजिक विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण समेत विभिन्न प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करते हुए सैकड़ों जीविका दीदियों को जीविकोपार्जन उपलब्ध कराया गया है. प्रबंधक संस्थागत निर्माण एवं क्षमता वर्धन (प्रभारी) कुमारी अदिति सिन्हा ने बताया कि समिति से कुल 40 ग्राम संगठन संबद्ध हैं. ग्राम संगठन से 602 स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं और इन समूहों से कुल सात हजार 137 सदस्य जुड़ी हुई हैं. इसमें से पांच हजार 36 सदस्यों को समिति में हिस्सा धारक बनाया गया है. प्रशिक्षण प्रबंधक सुचित्रा कुमारी ने समिति और सामुदायिक संगठनों को मिलने वाली राशि के उपयोग एवं महत्व पर प्रकाश से डाला. वहीं सामुदायिक वित्त प्रबंधक नीतूल कुमार ने कहा कि प्रतिवर्ष जीविका द्वारा संपोषित सभी निबंधित संकुल स्तरीय संघों का वार्षिक अंकेक्षण ऑडिटर के द्वारा किया जाता है. उसी ऑडिट का प्रतिवेदन आम सभा में प्रस्तुत किया जाता है. जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीता कुमारी ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब आर्थिक एवं सामाजिक तौर पर सशक्त हुई हैं. समूह से मिले ऋण और सहायता से स्वरोजगार के विभिन्न आयाम को अपनाते हुए खुद तो मुनाफा कमा ही रही हैं संगठन को भी लाभान्वित कर रही हैं. मौके पर राज्य परियोजना प्रबंधक जितेंद्र कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक हलसी धर्मवीर कुमार, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ रोहित कुमार, प्रीति कुमारी, रवींद्र कुमार, समेत सैकड़ों जीविका दीदियां और अन्य अतिथि आदि उपस्थित रहे.

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