सात पंचायतें हुई टीबी मुक्त, जिलाधिकारी ने मुखियाओं को किया सम्मानित, उर्दू पत्रिका का हुआ विमोचन
लखीसराय. स्थानीय नगर भवन में मंगलवार को तीन दिवसीय बिहार दिवस उत्सव का समापन फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला व मुशायरा के भव्य आयोजन के साथ हुआ. यह कार्यक्रम मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय, पटना) के तत्वावधान में जिला प्रशासन के सौजन्य से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र व अन्य वरीय पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर ”जिला उर्दू नाम” पत्रिका का विमोचन भी किया गया. कार्यक्रम में जिले के गणमान्य पदाधिकारी, शिक्षाविद व साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.टीबी मुक्त पंचायतों को मिला सम्मान
विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आयी. जिले की सात पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा संबंधित पंचायतों के मुखियाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस नयी सफलता पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की.गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक है उर्दू
संगोष्ठी के दौरान उर्दू भाषा के विकास व संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गयी. प्रभारी पदाधिकारी सुश्री प्रियंका कुमारी ने स्वागत भाषण में भाषा के संवर्धन पर बल दिया. जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू भारत की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक है. उन्होंने इसके विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता जताई. शिक्षाविदों ने भी भाषा की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए.मुशायरे में झूम उठे श्रोता
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य मुशायरा रहा. इसमें भागलपुर, मुंगेर एवं लखीसराय के प्रसिद्ध शायरों इकराम हुसैन साद, सैयद इसराफील, कमरान अलवी व डॉ नूतन कुमारी सहित अन्य कवियों ने अपनी बेहतरीन शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. डेलिगेट्स द्वारा आलेख पाठ का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्वानों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे.कार्यक्रम का सफल संचालन मो शकील द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका कुमारी ने किया. उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बताया. पूरे उत्सव के दौरान जिला प्रशासन की सक्रियता की सराहना की गयी. इस समापन समारोह के साथ ही बिहार दिवस 2026 की स्मृतियों में एक नयी कड़ी जुड़ गयी है.
