रंजिश निकालने के लिए गाड़ी में छिपायी थी शराब, एसडीपीओ की जांच में खुला षड्यंत्र का राज
सूर्यगढ़ा. प्रखंड के मानिकपुर में एक निर्दोष गाड़ी चालक को गलत तरीके से शराब के मामले में फंसाने की सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है. आश्चर्य की बात यह है कि यह पूरी साजिश मानिकपुर थाना में ही पदस्थापित दो चौकीदारों, मुकेश कुमार एवं सन्नी कुमार द्वारा रची गयी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी चौकीदारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में एसआई संजय कुमार राव के लिखित बयान पर मानिकपुर थाना में कांड संख्या 41/26 दर्ज की गयी है.एसडीपीओ शिवम कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मानिकपुर थानाध्यक्ष को सूचना दी गयी थी कि एक गाड़ी में शराब की खेप जा रही है. सूचना के सत्यापन के लिए जब पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर थाने लाया, तो उस पर चालक के साथ दो अन्य लोग सवार थे. पूछताछ के दौरान चालक ने बताया कि उसे एक महिला एसआइ को गाड़ी से मोकामा छोड़ने के बहाने बुलाया गया था. उसे कहा गया था कि मानिकपुर चौक पर दो लोग गाड़ी में बैठेंगे जो सामान उतारने में उसकी मदद करेंगे.
जांच में खुला साजिश का पन्ना
एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान मामला पूरी तरह संदेहास्पद लगा, क्योंकि किसी भी पुलिस पदाधिकारी को गाड़ी से बाहर भेजने का कोई आदेश नहीं था. विस्तृत जांच में पता चला कि दोनों चौकीदारों ने चालक को फंसाने की नीयत से ही उसे बुलाया था व मौका पाकर चुपके से उसकी सीट के नीचे शराब की एक बोतल रख दी थी. इसके तुरंत बाद खुद ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी गयी.
मैरिज हॉल की रंजिश बनी वजह
साजिश के पीछे की वजह बताते हुए एसडीपीओ ने कहा कि सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र के एक मैरिज हॉल में अवैध गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने पूर्व में कार्रवाई की थी. यह मैरिज हॉल चौकीदार मुकेश कुमार का है व ग्रामीणों ने वहां चल रही गतिविधियों का पुरजोर विरोध किया था. चौकीदार मुकेश को शक था कि मानुचक निवासी इस वाहन चालक या ग्रामीणों ने ही पुलिस को मुखबिरी की है. इसी रंजिश के कारण उसने चालक को फंसाने के लिए यह नयी चाल चली थी. पुलिस की मुस्तैदी से एक बेगुनाह को फंसने से बचा लिया गया व विभाग के भीतर छिपे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी.
