विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर पर्यावरण भारती के द्वारा किया गया पौधारोपण

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा फलदार गुरुवार को जामुन फल का पौधारोपण किया गया. जिसका नेतृत्व प्रेम प्रकाश कर रहे थे.

लखीसराय. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा फलदार गुरुवार को जामुन फल का पौधारोपण किया गया. जिसका नेतृत्व प्रेम प्रकाश कर रहे थे. मौके पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम विलास शांडिल्य ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने हेतु संसार के मानव को अपने घरों के आसपास एवं अपने बच्चों के भविष्य हेतु कम से कम 10 पेड़ अवश्य लगाना चाहिए. पांच वर्षों तक उसकी सुरक्षा आवश्यक है. विश्व में केवल आस्ट्रेलिया सरकार ने नियम बनाया है कि पक्का ईंट का घर बनाने के पहले पांच पेड़ लगाना अनिवार्य है. परंतु भारत में घर बनाने के नाम पर सार्वजनिक स्थान पर स्थित बड़े-बड़े पेड़ क्षण भर में काटकर धाराशायी कर देते हैं. यही नहीं सार्वजनिक मैदान या गोचर भूमि पर लगे पेड़ भी काट डालते हैं. बढ़ती मानव जनसंख्या के कारण भी जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है. जंगलों में आग लगाना तो आम बात हो गई है. उत्तर प्रदेश राज्य के सीतापुर जिला अंतर्गत नैमिषारण्य में जंगल लुप्त हो गये हैं. इसका कारण संसार के स्वार्थी मानव हैं. अतः आये दिन नयी-नयी प्राकृतिक आपदायें मानव जीवन को प्रभावित कर रही है. इससे बचने का एक ही उपाय है और वह है पौधारोपण. श्री शांडिल्य ने बताया कि 12 जून 2021 को पहली बार विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया गया. इसका आयोजन अंर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने किया. इसका उद्देश्य है ‘बाल श्रम को रोकना’. मौके पर सागर महतो, बादल महतो, अवध कुमार, राम विलास शांडिल्य, शिक्षक अरविंद कुमार पासवान, रोहित, बमबम, प्रसेनजीत आदि ने भी अपनी सहभागिता दी.

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