Traffic Jam: लखीसराय. शहर में लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है. टोटो चालकों की मनमानी और ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर रोजाना भीषण जाम की स्थिति बन रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है.
शहीद द्वार और रेलवे पुल के नीचे टोटो का कब्जा
स्थानीय लोगों के अनुसार शहीद द्वार और रेलवे पुल के नीचे टोटो चालकों का अवैध कब्जा जाम की सबसे बड़ी वजह बन गया है. चालक सवारी बैठाने और उतारने के लिए बीच सड़क पर ही अपने टोटो खड़े कर देते हैं. इससे पीछे आने वाले छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है और कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है.
ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
Traffic Jam: शहरवासियों का आरोप है कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मी अधिकांश समय ट्रैफिक थाना के बाहर ही मूकदर्शक बने रहते हैं. टोटो चालकों द्वारा खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन किए जाने के बावजूद उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती. लोगों का कहना है कि पुलिस की इस उदासीनता से नियम तोड़ने वालों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है.
एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहे 50 मिनट
जाम का सबसे अधिक असर शहर के व्यावसायिक क्षेत्र पर पड़ रहा है. नई बाजार स्थित बड़ी दुर्गा स्थान से पुरानी बाजार छोटी दुर्गा स्थान तक की लगभग एक किलोमीटर की दूरी सामान्य स्थिति में पांच से सात मिनट में पूरी हो जाती है, लेकिन वर्तमान में यही दूरी तय करने में 40 से 50 मिनट तक लग रहे हैं. गर्मी के बीच स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है.
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय दुकानदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने जिला प्रशासन से शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है. उनका कहना है कि टोटो चालकों के लिए अलग रूट और निर्धारित स्टॉपेज तय किए जाएं. साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि शहरवासियों को रोजाना लगने वाले महाजाम से राहत मिल सके.
