कालाजार उन्मूलन के लिए रामगढ़ प्रखंड में सिंथेटिक पाउडर का छिड़काव
कालाजार उन्मूलन के लिए जिले के रामगढ़ प्रखंड के नंदगांव में सिंथेटिक पाउडर का छिड्काव किया जा रहा है
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
लखीसराय
कालाजार उन्मूलन के लिए जिले के रामगढ़ प्रखंड के नंदगांव में सिंथेटिक पाउडर का छिड्काव किया जा रहा है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि कालाजार मुक्त जिला बनाने के लिए हम-सब हर स्तर पर प्रयासरत हैं. समुदाय को भी इस सार्थक प्रयास में साथ निभाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होता है. बालू मक्खी प्रायः नमी वाली जगहों पर पनपता है, इसलिए अपने घर के अंदर व बाहर नमी न होने दें साथ ही साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखें. इस बात का भी ध्यान रखें की अगर घर की दीवार मिट्टी की बनी है, तो उसमें जो दरार आ जाती है, उसे भरकर रखें, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि इन दरारों में नमी आ जाती है व मच्छर पनपने लगते हैं. साथ ही घर में सोने के समय मच्छर दानी का जरूर प्रयोग करें.
आशा घर-घर जाकर इस मरीजों को करतीं हैं चिह्नित
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया कि छिड्काव के साथ जिले में समय -समय पर गांवों में कालाजार-खोजी अभियान भी चलाया जाता है. जिसमें आशा घर-घर जाकर इस मरीजों को चिह्नित कर इलाज के लिए स्वास्थ्य संस्थान जाने में मदद करती हैं, साथ ही समुदाय को कालाजार से बचाव व लक्षण के प्रति जागरूक भी करती हैं. उन्होंने कहा कि जब यह बीमारी लोगों बालू मक्खी के काटने से होती है, जो खुद परजीवी से संक्रमित किसी अन्य व्यक्ति का खून पीने से परजीवी बन जाती है. वैश्विक स्तर पर 20 से अधिक विभिन्न लीशमैनिया परजीवी है, जो बीमारी का कारण बनते हैं और सैंडफ्लाई जिए बालू मक्खीभी कहा जाता है उसकी 90 प्रजातियां हैं, जो उन परजीवियों को फैलाती है. इसके दूसरे रूप पीकेडील बीमारी का लक्षण, चमड़े पर सफेद दाग आ जाना जिसमें सुनापन का पता चलता है. इस बीमारी से बचने के लिए त्वचा को ढक कर रखें यानि पुरे कपड़े पहने, गंदगी एवं गिले जगहों पर जाने से बचें.