सूर्यगढ़ा : नगर परिषद की पहली सरकार के गठन को तीन साल छह माह से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन सूर्यगढ़ा में अब तक न तो सरकारी वाहन पड़ाव की व्यवस्था हो सकी है और न ही फुटपाथी दुकानदारों के लिए स्थायी जगह उपलब्ध कराई गई है. इसका नतीजा यह है कि यात्री वाहन मुख्य सड़क पर ही खड़े होते हैं, जबकि सब्जी, मछली और अन्य फुटपाथी दुकानें एनएच 80 के किनारे सजती हैं. इससे सूर्यगढ़ा बाजार में रोज जाम की समस्या बनी रहती है.
मुख्य सड़क पर चल रहा अवैध वाहन पड़ाव
सूर्यगढ़ा में सरकारी वाहन पड़ाव नहीं होने के कारण यात्री वाहनों का ठहराव मुख्य सड़क पर ही हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां अवैध तरीके से वाहन पड़ाव का संचालन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व की भी क्षति हो रही है.
सड़क किनारे यात्री वाहनों के अलावा निजी वाहन, दोपहिया और तीनपहिया वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग से बाजार की मुख्य सड़क संकीर्ण हो जाती है. इससे रोजाना राहगीरों और वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ता है.
फुटपाथी दुकानदारों के लिए भी नहीं बनी व्यवस्था
सब्जी, मछली और अन्य सामान बेचने वाले फुटपाथी दुकानदारों के लिए नगर परिषद की ओर से अब तक स्थायी स्थान की व्यवस्था नहीं की गई है. मजबूरी में दुकानदार एनएच 80 के किनारे दुकानें लगा रहे हैं. बाजार में बढ़ते अतिक्रमण के कारण सड़क पर आवागमन और मुश्किल हो गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक चर्चा हो चुकी है. जिलाधिकारी और अन्य वरीय अधिकारियों का भी ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल सका है.
बोले वार्ड पार्षद और सामाजिक संगठन के लोग
वार्ड पार्षद रौशन कुमार झा उर्फ सुग्गा झा ने कहा कि सूर्यगढ़ा बाजार में मुख्य सड़क पर ही अवैध तरीके से वाहन पड़ाव संचालित हो रहा है. कई बार नगर परिषद की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ. उन्होंने सरकारी वाहन पड़ाव की व्यवस्था करने की मांग की.
मुंगेर चैंबर ऑफ कॉमर्स, सूर्यगढ़ा इकाई के आपात अध्यक्ष प्रवीण राठौर ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में विकास की गति धीमी है. वाहन पड़ाव और फुटपाथी दुकानदारों के लिए अलग जगह की व्यवस्था जरूरी है.
संकल्प संगठन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार केडिया उर्फ पप्पू केडिया ने कहा कि वाहन पड़ाव और दुकानदारों के लिए जगह नहीं होने के कारण एनएच 80 पर ही दुकानें और वाहनों का ठहराव हो रहा है. इससे हर दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है.
डेढ़ वर्ष पहले हुई थी जमीन की मापी
नगर परिषद की मुख्य पार्षद रूपम देवी ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले वाहन पड़ाव के लिए जमीन चिह्नित कर उसकी मापी कराई गई थी, लेकिन अब तक अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है. उन्होंने बताया कि फुटपाथी दुकानदारों के लिए भी जगह चिह्नित की गई है और जल्द ही समस्या के समाधान की उम्मीद है.
