कार्यक्रम में सरकारी व निजी विद्यालय के प्रधान हुए शामिल
लखीसरायएनसीईआरटी द्वारा विकसित बिहार विद्यालय गुणवत्ता आकलन व आश्वासन रूपरेखा के ड्राफ्ट के परीक्षण के लिए पायलट कार्यक्रम के अंतर्गत 19 मार्च को जिला के चयनित सरकारी अभ्यास विद्यालय एवं निजी विद्यालयों की बैठक डायट लखीसराय में की गयी. कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्राचार्य डॉ वंदना कुमारी ने दीप प्रज्वलन कर किया. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद 2020 में परिकल्पित राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण के अनुरूप विद्यालय गुणवत्ता मानक स्थापित करने की प्रक्रिया में है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों द्वारा एक व्यवस्थित स्वमूल्यांकन करना और बिहार एसक्यूएएएफ को परिष्कृत एवं अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक सुझाव इकट्ठा करना है. चयनित विद्यालयों को एक निश्चित गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना स्वयं मूल्यांकन पूरा करना होगा. कार्यक्रम में लखीसराय जिला के अभ्यास विद्यालयों में मुख्य रूप से मध्य विद्यालय किशनपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय महीसोना, मध्य विद्यालय पुरानी बाजार, मध्य विद्यालय कवैया, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोदिया, उत्क्रमित मध्य विद्यालय औरैया, उत्क्रमित मध्य विद्यालय किऊल बस्ती, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय इंग्लिश, मध्य विद्यालय महिला विद्या मंदिर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बालगुदर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जीएल कोठारी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चंदनपुर के प्रधानाध्यापक शामिल हुए. साथ ही निजी विद्यालयों में कुमार प्रोग्रेसिव स्कूल, डेफोडिल्स पब्लिक स्कूल, संत माइकल स्कूल, जेवीएम पब्लिक स्कूल, श्री ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल के प्रधान एवं प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का संचालन कार्यक्रम के नोडल डायट के व्याख्याता सुषमा कुमारी ने किया.
