वर्ग कक्ष की दीवार, खिड़कियां भी है बदहाल
शौचालय के संकीर्ण रास्ते व एक चापाकल से बनी है काफी परेशानी
पड़ोसियों के गंदे पानी फेंकने व विद्यालय छत का दुरुपयोग से परेशान है प्रबंधन
मेदनीचौकी
सूर्यगढ़ा शिक्षांचल के प्राथमिक विद्यालय गरीबनगर के जर्जर किचेन शेड में कुल नामांकित 136 बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने की लंबे सयय से मजबूरी बनी हुई है. किचेन शेड का दीवार भी बिना पलास्तर का सीलन से भरा रहता है. सीलनयुक्त फर्श भी कच्चा है जो वेक्टिरिया को आमंत्रण दे रहा है. किचेन का चदरा भी जर्जर होकर बड़ा छेद हो गया है, जिससे बारिश का पानी छत से सीधे अंदर किचेन शेड में जाता रहता है.छह माह पूर्व मिले उक्त विद्यालय के कमान संभालने वाली फूलफ्लेयर एचएम सीमा कुमारी बताती है कि विद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी चरमराया हुआ है. विद्यालय संपत्ति का पड़ोसियों द्वारा अतिक्रमण व दुरुपयोग से हमेशा परेशानी बनी रहती है. एचएम सहित कुल छह पदस्थापित शिक्षकों के अनुपात में बच्चे नहीं थे, पोषक क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर किसी तरह बच्चों की संख्या को बढ़ाया गया. अभी भी कुछ बच्चों को विद्यालय के चौकठ से बाहर देखा जा रहा है. इसके लिए अविभावकों को जागरूक किया जा रहा है. एक चापाकल है, बोरिंग सहित एक चापाकल की और जरूरत है. दो शौचालय है लेकिन उसका प्रवेश द्वारा काफी संकीर्ण है और शौचालय में नल की व्यवस्था नहीं रहने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. विद्यालय कक्ष में बेंच की स्थिति भी दयनीय है. 2025 में आया पुराने ढर्रे का बेंच टूटा-फूटा है. चहारदीवारी भी ऊंचाई में कम है तथा जर्जर है. बरसात में विद्यालय कक्ष के साथ-साथ स्टोर रूम के छत से पानी टपकता है जिससे स्टोर रूम में रखा सामान बर्बाद होता रहता है. वर्तमान एचएम सीमा कुमारी द्वारा विद्यालय की मरम्मती करके कामचलाऊ पठन-पाठन का कार्य लिया जा रहा है.
