राजस्व कार्यों का है जनता से सीधा जुड़ाव, पारदर्शिता से करें काम : डीएम
समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में राजस्व से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
-बीडीओ, पंचायत सचिव व कर्मचारियों को दिया गया राजस्व संबंधित प्रशिक्षण
-निर्धारित समय सीमा के अंदर करें दाखिल-खारिज एवं म्यूटेशन आदि मामलों का निष्पादन
राजस्व से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम जनता से होता, इस पर दें विशेष ध्यान
लखीसरायसमाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में राजस्व से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव तथा संबंधित कर्मचारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं प्रभावी बनाना तथा आम जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना था. प्रशिक्षण के दौरान दाखिल-खारिज, दखल कब्जा, म्यूटेशन, चौहद्दी, डीड नंबर, शांतिपूर्ण दखलकर्ता का कब्जा, भूमि से संबंधित अभिलेखों में सुधार, खाता, खेसरा, रकबा, जमाबंदी संख्या एवं म्यूटेशन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. डीएम ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम जनता से होता है, इसलिए इन कार्यों का निष्पादन पूरी पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज एवं म्यूटेशन से संबंधित मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाय तथा भूमि अभिलेखों के संधारण में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे. उन्होंने यह भी कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों के समाधान में प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी नियमों एवं प्रावधानों की पूरी जानकारी रखें तथा प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग अपने कार्यों में प्रभावी ढंग से करें, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. प्रशिक्षण के दौरान राजस्व विभाग से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी तथा कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किये गये. साथ ही डिजिटल अभिलेखों के संधारण, भूमि रिकॉर्ड के अद्यतन एवं राजस्व संबंधी कार्यों की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया. इस अवसर पर अपर समाहर्ता नीरज कुमार, भूमि सुधार उपसमाहर्ता राहुल कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पम्मी रानी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.