अभी के समय में रिश्ते नाते भावनाओं से नहीं रुपये से तौले जाते हैं : बलजीत कुमार

शहर के स्थानीय प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में रविवार को कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया.

By Rajeev Murarai Sinha Sinha | March 30, 2025 9:06 PM

लखीसराय. शहर के स्थानीय प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में रविवार को कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता संगठन के उपाध्यक्ष रामबालक सिंह ने की, जबकि संचालन सचिव देवेंद्र सिंह आजाद ने किया. कवि गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी कविता व नवीनतम रचनाओं से देश दुनिया की समस्याओं को दिखाते हुए श्रोतागण को मंत्रमुग्ध किया. देवेंद्र आजाद जी के द्वारा ‘हमने जाना जिंदगी क्या चीज है’, राजकुमार की रचना ‘निशि के तम के जल की फूली’, सुबोध कुमार की रचना ‘आओ मैं सुनाता हूं वीरों की कहानी’, शिवदानी सिंह बच्चन की रचना ‘गेल फगुनमा ऐलै चैता’, बलजीत कुमार की रचना ‘अभी के समय में रिश्ते नाते भावनाओं से नहीं रुपये से तौले जाते हैं’, अरविंद कुमार भारती की रचना भ्रष्टाचार था कल आज शिष्टाचार है, भोला पंडित की रचना ‘बीत गेले फगुनवा नै ऐलै पिया’, राम बालक सिंह की रचना ‘कब तक होते चीर हरण रे औरत के सम्मान के पूछो है नर नारी और बच्चा हिंदुस्तान के’, राजेश्वरी प्रसाद सिंह की रचना ‘जज के घर नोट जले, न्यायपालिका पर संदेह पले’, अंकित सिंह वत्स की रचना ‘नवभारत नवचेतना नवजागरण हुआ’, प्रो. मनोरंजन कुमार ने ‘एक चैता गीत सुनाया’. वहीं जयप्रकाश सिंह ने सभी आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर नवल कंठ पत्रिका के प्रधान संपादक अरविंद कुमार भारती ने बताया कि पत्रिका का शीघ्र प्रकाशन किया जायेगा, इसके लिए साहित्यकारों से रचनाएं आमंत्रित की गयी है. शीघ्रता शीघ्र सभी साहित्यकार अपनी-अपनी रचनाएं जमा कर दें, ताकि नवलकंठ का प्रकाशन शीघ्र किया जा सके.

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