गिरफ्त से बाहर हैं बेखौफ अपराधी
पीरीबाजारस्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत चौरा राजपुर पंचायत स्थित घोघी गांव में हुए रेलकर्मी संतोष उर्फ दिलीप हत्याकांड को आज पूरा डेढ़ महीना बीत गया है. अफसोस इस बात की है अभी तक पुलिस अपराधियों के गिरेबां तक नहीं पहुंच सकी है. बीते डेढ़ महीना से मृतक का परिवार अपनी आंखों के आंसू सुखाकर सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब पकड़े जायेंगे उनके लाल के गुनहगार. सवालों के घेरे में पुलिसिया तंत्र स्थानीय हलकों में अब यह चर्चा आम हो गयी है कि आखिर पुलिस की जांच की दिशा क्या है. क्या पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. क्या अपराधियों को किसी सफेदपोश या रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है. डेढ़ महीने का समय किसी भी हाई-प्रोफाइल केस के खुलासे के लिए पर्याप्त होता है, फिर भी पुलिस ””अंधेरे में हाथ-पांव”” क्यों मार रही है. ‘जांच चल रही है, जल्द ही गिरफ्तारी होगी’ पुलिस का यह रटा-रटाया जुमला अब पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा काम कर रहा है. वहीं मामले को लेकर थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह ने बताया कि अपराधी को चिन्हित किया जा चुका है. जल्द ही गिरफ्तारी कर मामले का उद्भेदन किया जायेगा.
