पुण्यतिथि पर याद किये गये राष्ट्रकवि

प्रखंड की पाली पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय फदरपुर में विद्यालय की बाल संसद के तत्वावधान में गुरुवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 51वीं पुण्यतिथि पर छात्र-छात्राओं द्वारा दिनकरजी द्वारा रचित कालजयी कविताओं का पाठ किया गया

बड़हिया. प्रखंड की पाली पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय फदरपुर में विद्यालय की बाल संसद के तत्वावधान में गुरुवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 51वीं पुण्यतिथि पर छात्र-छात्राओं द्वारा दिनकरजी द्वारा रचित कालजयी कविताओं का पाठ किया गया. संस्कृत शिक्षक पीयूष कुमार झा की देखरेख में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक अजय कुमार एवं सभी छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रकवि के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को तत्कालीन मुंगेर जिले के बेगूसराय अनुमंडल के सिमरिया गांव में हुआ था. उन्होंने भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के पद को भी सुशोभित किया. उन्होंने रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, परशुराम की प्रतीक्षा, उर्वशी आदि अनेकों गद्य एवं पद्य पुस्तकों की रचना की. उर्वशी पुस्तक की रचना के बाद उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वे राज्यसभा के सदस्य भी मनोनीत हुए. ‘सिंहासन खाली करो की जनता आती है’ कविता के माध्यम से उन्होंने जनता की असीमित शक्ति का वर्णन किया. वर्तमान में कक्षा छह से दशम तक की बिहार सरकार की पाठ्य-पुस्तक में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं को शामिल कर आज भी उनके विचारों से छात्रों को ओतप्रोत किया जाता है. मौके अवसर पर शिक्षक मुकेश कुमार दास, परवेज, गोविंद कुमार, जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांति पाठ से हुआ.

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