जन्म व मृत्यु का शत-प्रतिशत पंजीकरण है अत्यंत आवश्यक: डीएम

डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के क्षमता वर्धन के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया

By Rajeev Murarai Sinha Sinha | January 12, 2026 5:48 PM

जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के क्षमता वर्धन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

लखीसराय. डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के क्षमता वर्धन के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया. जिला स्तरीय कार्यक्रम समहारणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण प्रणाली को सुदृढ़ करना, अद्यतन कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना तथा पंजीकरण प्रक्रिया को समयबद्ध, सटीक एवं पारदर्शी बनाना रहा. डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि जन्म एवं मृत्यु का शत-प्रतिशत पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल नागरिकों के वैधानिक अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि शासन की विभिन्न योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं नीति निर्धारण के लिए भी आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराता है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि पंजीकरण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रविष्टियां ऑनलाइन पोर्टल पर सुनिश्चित रूप से दर्ज की जाय. प्रशिक्षण सत्र में स्वास्थ्य संस्थानों, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत रजिस्ट्रार एवं सहायक रजिस्ट्रारों की भूमिका, दायित्व, रिपोर्टिंग प्रणाली, त्रुटि सुधार प्रक्रिया तथा डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया.

मौके पर अपर समाहर्ता नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, स्थापना उप समाहर्ता शशि कुमार, डीटीओ मुकुल पंकज मणि, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राम विनोद प्रसाद यादव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा कार्य में उपस्थित रहे.

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