लखीसराय. जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. इसको लेकर लंबे समय से मुहिम चला रहे दीपक राजसुमन ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय स्थापना की मांग की है. पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है. दीपक राजसुमन ने कहा कि लखीसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है. इसके लिए समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों के सामूहिक सहयोग की जरूरत है. उन्होंने जिले के सभी स्थानीय पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सरकार और सक्षम अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएं.
उच्च शिक्षा के लिए मुंगेर और भागलपुर विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है दीपक राजसुमन ने बताया कि वर्तमान में लखीसराय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मुंगेर और भागलपुर विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है. दूरी अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्नातक के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. दीपक ने कहा कि लखीसराय में विश्वविद्यालय बनने से लखीसराय के साथ-साथ जमुई और शेखपुरा जिले के लाखों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.
विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र एजुकेशन हब के रूप में विकसित होगा
पटना से सटा होने के कारण यहां सड़क, रेल और संचार की बेहतर सुविधा है, जो इसे उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है. विश्वविद्यालय की स्थापना से यह क्षेत्र एजुकेशन हब के रूप में विकसित होगा. यहां शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शोध कार्यक्रम नियमित होंगे. बाहरी राज्यों से भी छात्र यहां पढ़ने आएंगे. इससे होटल, हॉस्टल, कोचिंग, मॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे.
