सशक्त स्थायी समिति चुनाव में पुराने चेहरों की वापसी, तीनों सदस्य फिर विजयी
Lakhisarai Nagar Parishad Election: लखीसराय नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में एक बार फिर पुराने चेहरों का दबदबा कायम रहा. शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए चुनाव में पूर्व के तीनों सदस्य अपने पद बचाने में सफल रहे, जबकि नए उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा.
लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की रिपोर्ट
Lakhisari News : लखीसराय नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति का चुनाव बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. चुनाव परिणाम में पुराने सदस्यों पर वार्ड पार्षदों का भरोसा कायम रहा और पूर्व के तीनों सदस्य दोबारा जीत हासिल करने में सफल रहे.
एसडीओ की निगरानी में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया
चुनाव प्रक्रिया का संचालन अनुमंडलाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी प्रभाकर कुमार की देखरेख में कराया गया. उनके सहयोग के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी पल्लवी सागर, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी रुचि सिंह तथा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सौरभ कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया था.पूरे चुनाव के दौरान अवर निर्वाचन पदाधिकारी स्मृति आनंद भी मौजूद रहीं. वहीं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व अधिकारी रौशन कुमार को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया था.
छह प्रत्याशी मैदान में, पुराने सदस्यों ने मारी बाजी
नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के लिए कुल छह वार्ड पार्षद चुनाव मैदान में थे. इनमें पूर्व सदस्य सुरेंद्र मंडल, सुनैना देवी और शबनम बानो के साथ तीन नए उम्मीदवार भी शामिल थे.मतगणना के बाद परिणाम में पुराने तीनों सदस्य विजयी घोषित किए गए. चुनाव में सुरेंद्र मंडल ने सबसे अधिक 24 मत प्राप्त किए, जबकि शबनम बानो और सुनैना देवी को 20-20 वोट मिले.नए उम्मीदवार पुराने चेहरों के सामने टिक नहीं पाए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
विजयी प्रत्याशियों को दिलाई गई शपथ
परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ प्रभाकर कुमार ने विजयी प्रत्याशियों सुरेंद्र मंडल, सुनैना देवी और शबनम बानो को प्रमाण पत्र प्रदान किया.इसके साथ ही तीनों सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई. चुनाव परिणाम के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया.
नगर परिषद की राजनीति में अनुभव पर भरोसा
इस चुनाव परिणाम को नगर परिषद की राजनीति में अनुभव और पुराने नेतृत्व पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. वार्ड पार्षदों ने एक बार फिर अनुभवी सदस्यों को जिम्मेदारी देकर स्थिरता और निरंतरता को प्राथमिकता दी है.