किऊल नदी के जल स्तर में वृद्धि का क्रम जारी, निचले इलाके में स्थिति गंभीर

किऊल नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मेदनीचौकी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा। महुआ घाट पर प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया, फसलें जलमग्न।

मेदनीचौकी (लखीसराय). किऊल नदी का लगातार जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है. मेदनीचौकी क्षेत्र के अवगिल से रसुलपुर तक तटीय बसावटों में उफनाता बाढ़ के पानी से भय बना हुआ है. किऊल नदी पर बने तटबंध में बाढ़ का पानी लवालव भर गया है. हुसैना महुआ घाट से चंद कुमार, प्रिंस कुमार, संतोष कुमार, अजीत कुमार, श्री महतो, नागो तांती, अरुण महतो, ब्रह्मदेव रजक इत्यादि ने बताया कि महुआ घाट में नदी में गिरने वाले नाले से बाढ़ का पानी गांव में उलटा घुस रहा है.

शनिवार को करीब एक फीट तक बढ़ा जलस्तर

इस घाट पर नीचे तटबंध होने से बाढ़ का पानी घुसने की संभावना बनी हुई है. लोगों ने बताया कि शनिवार को भी करीब एक फीट नदीके जलस्तर में वृद्धि हुई है. नाले से रिटर्न बाढ़ के पानी को रोकने का उपाय किया जा रहा है. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध की नाजुक स्थिति की जानकारी पर स्थानीय प्रशासन व विधायक को दिया गया था. उसके बाद शनिवार को बीडीओ ने एक सौ बैग तटबंध की सुरक्षा को लेकर महुआ घाट पर गिराया गया है. इधर, दियारा में बाढ़ से बना दरिया में सभी मकई सहित सभी फसल डूब गया. पशु चारे के रुप में फसल को काटकर नाव से लाते देखा जा रहा है.

हुसैना महुआ घाट पर नदी में गिरने वाले नाले से उलटा गांव की में घुसने वाले बाढ़ के पानी को दिखाते लोग | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By रणजीत कुमार शर्मा

रणजीत कुमार शर्मा प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. मेदनीचौकी (लखीसराय) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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