बंदियों को दी गयी कानूनी अधिकार की जानकारी

मंडल कारा में विधिक जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन

मंडल कारा में विधिक जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन लखीसराय. जिला मुख्यालय स्थित मंडल का कारा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा एवं प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश राजू कुमार के निर्देश पर पैनल अधिवक्ता आशीष चंद्र के द्वारा न्यायिक साझेदारी एवं समझौता के तहत मामले के निष्पादन विषय को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस दौरान बंदियों को जागरूक किया गया. मौके पर कारा उपाधीक्षक प्रमोद कुमार, पीएलवी मुकेश कुमार, प्रकाश सिंह एवं मंडल कारा लखीसराय के दर्जनों की संख्या में बंदी उपस्थित थे. न्यायिक साझेदारी एवं समझौता के तहत मामले के निष्पादन विषय पर जानकारी देते हुए पैनल अधिवक्ता आशीष चंद्र ने बताया कि कंपाउंडेबल अपराध व अपराध है. इसकी चर्चा दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी 1973 की धारा 320 में की गयी है. यह ऐसे अपराध हैं जिनमें पीड़ित व्यक्ति शिकायत दर्ज की है. यानी शिकायतकर्ता आरोप को खारिज करने का फैसला करता है. हालांकि यह समझौता अत्यंत सद्भाव में होना चाहिए और किसी भी मुआवजे के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए. एक कंपाउंडेबल अपराध का समझौता अदालत की सहमति से या अदालत की सहमति के बिना किया जा सकता है. उसे अदालत में अपराध को कंपाउंड करने की अनुमति का अनुरोध कर सकता है. जिसमें मूल रूप से याचिका दायर की गयी थी. एक अपराध को कंपाउंड करना या इंगित करना है कि जिस व्यक्ति के साथ अपराध किया गया है उसने मुकदमा की प्रक्रिया से बचने के लिए आपसी समझौते के तहत मामले का निष्पादन करना चाहता है. कंपाउंडेबल अपराध ऐसी स्थिति में जहां समझौता स्वीकार होगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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