बड़हिया प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र में शुक्रवार को राजयोगिनी दादी जानकी की छठी पुण्यतिथि वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस मनायी गयी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और दादी के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया. सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी रौशनी बहन ने दादी जानकी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सच्चाई, स्वच्छता और सादगी का अनुपम उदाहरण था. उन्होंने कहा कि दादी हमेशा “दिल में सच्चाई, सफाई और सादगी” को धारण करने की प्रेरणा देती थीं. आज के दौर में यदि हम इन गुणों को अपने जीवन में उतारें, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. कार्यक्रम के दौरान दादी जानकी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. इसके पश्चात सभी ने उनके स्मृति चिन्ह पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वरीय प्रसाद ग्रहण किया. बताया गया कि दादी जानकी का देहावसान 27 मार्च 2020 को 104 वर्ष की आयु में हुआ था. अपने तपोबल और आध्यात्मिक साधना के बल पर उन्होंने असाधारण मानसिक स्थिरता प्राप्त की थी. वर्ष 1978 में अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी लैबोरेटरी में उनके मन के तरंगों का परीक्षण कर उन्हें “दुनिया की सबसे स्थिर बुद्धि वाली महिला” का सम्मान दिया गया था. इसके अलावा वर्ष 2011 में विशाखापट्टनम स्थित गीतम यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया था. दादी जानकी ने विश्व के 100 से अधिक देशों में भ्रमण कर आध्यात्मिक सेवाएं दीं और लाखों लोगों को सकारात्मक जीवन जीने की राह दिखायी. कार्यक्रम में लोकेश कुमार सिंह, गोपाल सिंह, रामरत्न सिंह, बीके रामचंद्र, बीके राहुल, बीके नमन सहित कई गणमान्य लोग एवं माताएं-बहनें उपस्थित थे. ————————————————–
दादी का जीवन सच्चाई, स्वच्छता व सादगी का है उदाहरण
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र में शुक्रवार को राजयोगिनी दादी जानकी की छठी पुण्यतिथि वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस मनायी गयी
