देश की आजादी के लिए जान देने वाले शहीदों को लोगों ने नमन किया लखीसराय. शहर के नया बाजार पंजाबी मोहल्ला स्थित बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ भवन में सोमवार को भगत सिंह का 95 वां शहादत दिवस मनाया गया. यह आयोजन भाकपा माले पार्टी के सचिव चंद्रदेव यादव के अध्यक्षता व शिवनंदन पंडित के संचालन में किया गया. लोगों ने भगत सिंह के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर देश की आजादी में उनके योगदान को नमन किया. कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने शब्दों से भगत सिंह के विचार को व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि भगत सिंह के सपनों का भारत में समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना था. वे साम्राज्यवाद का घोर विरोधी थे. उनकी अंतिम इच्छा समाजवादी गणराज्य की स्थापना करने की थी. जब भगत सिंह की सजा मुकर्रर हो चुकी थी तब भी कम्युनिस्ट घोषणा पत्र का अध्ययन कर रहे थे. उनके साथ में शहीद राजगुरु व शहीद सुखदेव को भी फांसी दिया गया था. वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जिस तरह से अमेरिका इजरायल गठजोड़ ईरान पर हमला कर रहा यह साम्राज्यवादी हरकत है. भारतीय हुकूमत को ईरान के पक्ष में मुखर समर्थन करना चाहिए. शिवनंदन पंडित ने बताया कि भगत सिंह समाज में स्वतंत्रता, बराबरी, भाईचारा व न्याय स्थापित करना चाहते थे. अंग्रेजी हुकूमत का नींद हराम करते हुए पार्लियामेंट में बम फेंकना भारतीय समाज को जगाने का उनका उद्देश्य था. आजादी के आंदोलन में भगत सिंह के विचारधारा भी कारगर साबित हुआ और फांसी पर हंसते-हंसते झूल कर देश को आजाद कराया. आज भी भगत सिंह के विचारधारा प्रासंगिक हैं. हमलोग को भगत सिंह के विचारधारा को आत्मसात कर देश में सुख, समृद्धि, शांति व न्याय पर आधारित व्यवस्था कायम करना होगा. मौके पर नागेश्वर तांती, ओम प्रकाश, बिंदेश्वरी मांझी, उपेंद्र कुमार, अशोक तांती, बिंदेश्वरी यादव, प्रो नजमुल हसन, राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, दीनदयाल यादव, कमलेश्वरी यादव, बालेश्वर यादव एवं संजय साव सहित अन्य लोग मौजूद थे.
शहादत दिवस पर भगत सिंह के तस्वीर पर पुष्प अर्पित
शहर के नया बाजार पंजाबी मोहल्ला स्थित बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ भवन में सोमवार को भगत सिंह का 95 वां शहादत दिवस मनाया गया
