10 सूत्री मांगों को लेकर वाहन चालकों ने किया प्रदर्शन
ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले सोमवार को व्यावसायिक चालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
विद्यापीठ से समाहरणालय तक किया पैदल मार्च
लखीसरायड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले सोमवार को व्यावसायिक चालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शन में शामिल चालक जंजीर पहनकर विद्यापीठ से समाहरणालय परिसर तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध जताया. इस दौरान चालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की. मार्च में शामिल चालकों ने कहा कि व्यावसायिक ड्राइवर लंबे समय से कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले चालकों के परिवारों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है. समाहरणालय पहुंचने के बाद ड्राइवर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की अपील की. मौके पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दीपक यादव ने कहा कि व्यावसायिक चालकों को रोजाना कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस द्वारा भी चालकों को बेवजह परेशान किया जाता है, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है. ज्ञापन में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग और ड्राइवर वेलफेयर फंड की स्थापना करने की मांग की गयी है. साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये और अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग उठायी गयी. इसके अलावा दुर्घटना में घायल चालकों के लिए निशुल्क इलाज की व्यवस्था, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने, चालकों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने और वाहनों में कैमरा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गयी. साथ ही एक सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने, ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सरकारी अस्पतालों में ड्राइवरों के लिए आईसीयू बेड आरक्षित करने और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग भी शामिल है.