कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में फसल क्षति व उर्वरक उपलब्धता पर मंथन

कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में फसल क्षति व उर्वरक उपलब्धता पर मंथन

डीएम ने दिया आंधी-तूफान से हुए नुकसान के शीघ्र आकलन का निर्देश, ”धरती माता बचाव” के तहत किसानों को दी जाएगी जैविक खेती की सीख

लखीसराय. समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में बुधवार को जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन जिला स्तर पर किया गया. इसमें मार्च 2026 के चौथे सप्ताह में आये आंधी-तूफान व असामयिक वर्षापात से प्रभावित फसल क्षेत्र के आकलन, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उर्वरक उपलब्धता की स्थिति तथा धरती माता बचाव निगरानी समिति से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाय. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पीओएस प्रणाली में उपलब्ध उर्वरक की मात्रा का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर लिया जाय, ताकि किसी भी परिस्थिति में जिले के लिए आवंटित उर्वरक की मात्रा में कोई विचलन न हो तथा भविष्य में किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक पंचायत से कम-से-कम पांच ऐसे किसानों का चयन करने का निर्देश दिया गया, जो अत्यधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करते हैं. ऐसे किसानों को चिन्हित कर उन्हें रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग व हरित एवं प्राकृतिक खाद के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जायेगा, जिससे मृदा की गुणवत्ता में सुधार हो सके व पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले. बैठक में आंधी-तूफान एवं असामयिक वर्षा से हुई फसल क्षति का शीघ्र आकलन कराने पर भी बल दिया गया. संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन यथाशीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा सके. जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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