दिव्यता दिवस के रूप में मनायी गयी दादी हृदयमोहिनी की पुण्यतिथि

आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सुखी और संतुलित बना सकता है.

बड़हिया. नगर स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र में मंगलवार को राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी की पांचवीं पुण्यतिथि दिव्यता दिवस के रूप में मनायी गयी. इस दौरान ब्रह्माकुमारी परिवार के भाई-बहनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आध्यात्मिक जीवन को याद किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की संचालिका बीके रोशनी बहन ने कहा कि दादी हृदयमोहिनी का जीवन सादगी, सेवा भावना और आध्यात्मिक साधना से परिपूर्ण था. उन्होंने राजयोग के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया. उनके विचार और जीवन दर्शन आज भी लोगों को सकारात्मक सोच और शांतिपूर्ण जीवन की दिशा में प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि दादी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सुखी और संतुलित बना सकता है. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई-बहनों ने उनके आदर्शों को अपनाने और राजयोग को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ. इसके बाद उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी भाई-बहन मौजूद थे.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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