लखीसराय. जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (डीसीएचबी) के अंतर्गत 16 जुलाई से आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और मोबाइल ऐप के उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई.
चार प्रखंडों के प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रामगढ़ चौक, बड़हिया, चानन और हलसी प्रखंडों के प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. अंतिम दिन भी प्रतिभागियों की उपस्थिति उत्साहजनक रही. सभी चार्ज के प्रतिभागियों को डीसीएचबी से संबंधित कार्यों का क्रमवार और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
एडीएम ने दिए पारदर्शिता और सटीकता के निर्देश
Census Training: समापन सत्र को संबोधित करते हुए एडीएम नीरज कुमार ने कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सूचनाओं का संग्रहण पूरी पारदर्शिता, सटीकता और प्रमाणिक स्रोतों के आधार पर किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी कार्य शत-प्रतिशत डीसीएचबी मोबाइल ऐप के माध्यम से ही संपन्न किए जाएंगे, ताकि डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे.
मुख्य प्रशिक्षकों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
निदेशालय से आए मुख्य प्रशिक्षक राधे श्याम और रवि कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फील्ड में कार्य के दौरान आने वाली किसी भी तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या का तत्काल समाधान उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने प्रतिभागियों को निर्देश दिया कि सभी आंकड़ों का पूरी तरह सत्यापन करने के बाद ही उन्हें अंतिम रूप से सबमिट करें.
नीति निर्माण में जनगणना की अहम भूमिका
Census Training: प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है. जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की नीतियां तैयार करती है, जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण करती है और संसाधनों का समुचित वितरण सुनिश्चित करती है.समापन सत्र में जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राम विनोद प्रसाद यादव, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी पिंटू कुमार सहित जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.
