बिना ट्यूशन एवं कोचिंग के पायी सफलता मुंद्रिका सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय सदायविघा बड़हिया का है छात्र बड़हिया/लखीसराय. संघर्ष व संकल्प की मिसाल बने शेखपुरा जिले के घाट कुसुंभा प्रखंड अंतर्गत आलापुर गांव निवासी चंद्रदीप कुमार ने इतिहास रचा है. बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा (आर्ट्स) में द्वितीय स्थान प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है. सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है. चंद्रदीप के पिता स्व. शंभू पंडित का निधन वर्ष 2014 में ही हो गया था. इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां बच्ची देवी के कंधों पर आ गयी. खेती-बाड़ी और मजदूरी के सहारे उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया. आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी बच्चों की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी. चार भाइयों में चंद्रदीप सबसे अलग पहचान बनाने में सफल रहे हैं. परिवार के अन्य भाइयों की शादी हो चुकी है, लेकिन चंद्रदीप ने शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाकर दिन-रात मेहनत की. उन्होंने बताया कि वे रोजाना पांच से छह घंटे घर पर करता था. साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई जारी रखी. चंद्रदीप की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई. इसके बाद उन्होंने सातवीं से दसवीं तक की पढ़ाई स्थानीय मिडिल स्कूल एवं उच्च विद्यालय से पूरी की. इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने बड़हिया स्थित मुंद्रिका सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय सदायविघा से की, जहां उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिला. उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी. स्कूल में समारोह आयोजित कर चंद्रदीप और उनकी मां बच्ची देवी को फूल-माला, अंगवस्त्र और मिठाई देकर सम्मानित किया गया. वहीं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि यह विद्यालय सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, जहां आसपास के गांवों, खासकर शेखपुरा जिले के आलापुर से भी छात्र पढ़ने आते हैं. चंद्रदीप का सपना सिविल सेवा में जाने का है. प्राचार्य ने बताया कि चंद्रदीप के आगे की पढ़ाई में कभी बाधा नहीं आने देंगे. हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे.
गरीबी को हराकर चंद्रदीप ने रचा इतिहास
संघर्ष व संकल्प की मिसाल बने शेखपुरा जिले के घाट कुसुंभा प्रखंड अंतर्गत आलापुर गांव निवासी चंद्रदीप कुमार ने इतिहास रचा है
