लखीसराय पहुंचे यूके के इतिहासकार प्रो. मैक्स डीग: संग्रहालय और लाली पहाड़ी महाविहार का किया अध्ययन

अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वान प्रो. मैक्स डीग ने लखीसराय के पुरातात्विक वैभव का दीदार किया. उन्होंने लखीसराय संग्रहालय को भारत का श्रेष्ठ जिला संग्रहालय बताया और लाली पहाड़ी स्थित बौद्ध महाविहार के अवशेषों का भी निरीक्षण किया.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राचीन बौद्ध इतिहास और पुरातत्व के विख्यात विद्वान तथा कार्डिफ यूनिवर्सिटी (लंदन) के प्रोफेसर मैक्स डीग बुधवार को ऐतिहासिक नगरी लखीसराय के पुरातात्विक वैभव का दीदार करने पहुंचे.

उनके साथ बिहार विरासत समिति के कार्यपालक निदेशक डॉ. अनिल कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे. विदेशी पुरातत्वविद के आगमन को लेकर जिले के बौद्धिक और पुरातात्विक हल्कों में विशेष उत्साह देखा गया.

संग्रहालय की कलाकृतियों और पुरावशेषों को देख हुए अभिभूत

लखीसराय संग्रहालय पहुंचने पर संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार ने प्रोफेसर मैक्स डीग और डॉ. अनिल कुमार का औपचारिक स्वागत किया. संग्रहालयाध्यक्ष ने उन्हें दीर्घाओं में प्रदर्शित पालकालीन मूर्तियों, धातु प्रतिमाओं और विभिन्न उत्खनन स्थलों से प्राप्त दुर्लभ पुरावशेषों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

प्रो. डीग ने प्राचीन मूर्तियों की नक्काशी, पत्थर के प्रकार और उनकी कलात्मक बारीकियों को अत्यंत ध्यान से देखा और कई महत्वपूर्ण कलाकृतियों की तस्वीरें स्वयं अपने कैमरे में कैद कीं.

विजिटर बुक में दर्ज की प्रशंसा, बताया देश का श्रेष्ठ जिला संग्रहालय

संग्रहालय के दुर्लभ संग्रह और व्यवस्थित प्रदर्शन से प्रो. मैक्स डीग बेहद प्रभावित नजर आए. उन्होंने संग्रहालय की आगंतुक पुस्तिका (विजिटर बुक) में अपनी टिप्पणी दर्ज करते हुए लिखा— "Excellent exhibition, nice collection" (उत्कृष्ट प्रदर्शनी, शानदार संग्रह).

इतना ही नहीं, प्रो. डीग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जिला स्तर के संग्रहालयों की श्रेणी की बात की जाए, तो निसंदेह लखीसराय संग्रहालय पूरे भारत के सबसे उत्कृष्ट और समृद्ध संग्रहालयों में से एक है.

प्रसिद्ध लाली पहाड़ी के निरीक्षण के दौरान प्रो. मैक्स डीग, डॉ अनिल कुमार व अन्य | Prabhat Khabar Network

लाली पहाड़ी पहुंचकर बौद्ध महाविहार के अवशेषों का लिया जायजा

संग्रहालय भ्रमण के उपरांत प्रो. मैक्स डीग और डॉ. अनिल कुमार विशेषज्ञों के दल के साथ प्रसिद्ध लाली पहाड़ी स्थित संरक्षित पुरातात्विक स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे.

लाली पहाड़ी पर प्रो. डीग ने जमीन से निकले बौद्ध महाविहार की दीवारों, भिक्षु कक्षों (सेल्स) और संरचनात्मक निर्माण के ऐतिहासिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया. उन्होंने स्थल पर मौजूद डॉ. अनिल कुमार से खुदाई के चरणों, मिले अभिलेखों और इसके कालखंड से जुड़े तकनीकी तथ्यों की विस्तृत जानकारी ली.

डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में ही सामने आया था लाली पहाड़ी का महाविहार

उल्लेखनीय है कि विश्व पटल पर लखीसराय को बौद्ध सर्किट का अहम केंद्र बनाने वाले लाली पहाड़ी का उत्खनन कार्य बिहार विरासत समिति के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार के ही कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ था.

इसी उत्खनन से यह प्रमाणित हुआ था कि यह पहाड़ी वास्तव में प्रथम महिला बौद्ध महाविहार (श्रीमद्धम विहार) का केंद्र थी. प्रो. मैक्स डीग के इस अंतरराष्ट्रीय दौरे से लखीसराय के ऐतिहासिक और बौद्ध पर्यटन को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद जगी है.

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लेखक के बारे में

By राजीव मुरारी सिन्हा

राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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