ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की नयी पहचान, कजरा सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू
ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की नयी पहचान, कजरा सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने किया कजरा सोलर प्लांट का निरीक्षण
कजरा. बिहार के ऊर्जा, वित्त तथा योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार की अपराह्न कजरा स्थित निर्माणाधीन व क्रियाशील सोलर पावर प्लांट का सघन निरीक्षण किया. मंत्री ने प्लांट की वर्तमान स्थिति व अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि दूसरे चरण का काम भी उसी युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, जिस तेजी से पहले चरण का काम हुआ है. निरीक्षण के बाद मंत्री ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो के वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में उत्पादन क्षमता और ग्रिड कनेक्टिविटी पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैटरी स्टोरेज में देश का पहला सबसे बड़ा प्लांट
बैठक के दौरान एलएंडटी के रिन्यूएबल आइसी इंडिया एंड सार्क के हेड दीपक कुमार नायक ने बताया कि मार्च 2024 में प्रोजेक्ट मिलने के बाद टीम ने रिकॉर्ड समय में यूनिट से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है. उन्होंने दावा किया कि बैटरी स्टोरेज क्षमता के मामले में यह देश का पहला व सबसे बड़ा सोलर प्लांट है, जो भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
मंत्री ने पौधरोपण कर दिया हरियाली का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने प्लांट परिसर में पौधरोपण किया. इसके बाद उन्होंने कहा कि कजरा प्लांट से राज्य को बिजली उत्पादन में काफी मजबूती मिलेगी. हमारा लक्ष्य समय सीमा के भीतर दूसरे चरण को भी ग्रिड से जोड़ना है. इस मौके पर ऊर्जा विभाग के सचिव महेंद्र पाल, एग्जीक्यूटिव गौरव कुमार सहित एलएंडटी के कई इंजीनियर मौजूद थे.
ग्रामीणों ने कहा जमीन दी है तो काम भी मिले
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया. ग्रामीणों ने मुख्य रूप से दो मांगें रखीं. कहा कि प्लांट निर्माण की वजह से प्राकृतिक ”टाली झरने” का बहाव प्रभावित हुआ है. ग्रामीणों ने मांग की कि नाले के जरिए पानी की आपूर्ति बहाल की जाए. जिन किसानों ने प्लांट के लिए अपनी जमीन दी है, वे फिलहाल बेरोजगार हैं. ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें योग्यता के आधार पर इसी प्लांट में रोजगार दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका चल सके.