26 हजार मीट्रिक टन होनी है खरीद
अब तक 10 हजार मीट्रिक टन धान की हुई है खरीदारी
लखीसराय : जिले के पैक्स में धान खरीद में सुस्ती से किसान परेशान हैं. धान अधिप्राप्ति नहीं होने के कारण किसान बिचौलिये के हाथों औनेपौन दामों में धान बेच रहे हैं. सहकारिता विभाग की सुस्ती से धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है. ज्ञात हो कि सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पांच दिसंबर से ही क्रय कार्य प्रारंभ कर देना था, लेकिन लखीसराय जिले में विधिवत क्रय 21 दिसंबर को रामगढ़ चौक प्रखंड के औरे गांव स्थित पैक्स गोदाम में प्रभारी डीएम किशोरी चौधरी के हाथों शुभारंभ किया गया.
इसके बाद पैक्स ,व्यापार मंडल के द्वारा धान में नमी की बात कह कर धान क्रय करने से कन्नी काट रहे हैं. इस कारण धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य शेष बचे 40 दिनों में असंभव नहीं दिख रहा है. जिले में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 26 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है. जबकि अब तक मात्र लगभग 10 हजार मीट्रिक टन ही धान की खरीद हो पाई है. किसानों के अनुसार क्रय केंद्र पर धान लेने में टाल मटोल किया जा रहा है. वहीं पैक्सों का कहना है कि सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ हाने के बाद सहकारिता विभाग धान बिक्री करने वालों किसानों की सूची उपलब्ध नहीं करायी गयी, जिस कारण जिले में पंद्रह दिनों तक टाल मटोल किया.
वहीं किसानों का कहना है कि पैक्स धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी बता कर धान खरीद करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. इसके कारण केंद्रों पर धान अधिप्राप्ति का कार्य प्रभावित हो रहा है. जानकारी के अनुसार सरकार ने विकेंद्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था के माध्यम से धान अधिप्राप्ति का कार्य प्रारंभ किया. इसके तहत पंचायत स्तर पर धान अधिप्राप्ति के लिए जिले में 56 पैक्स का चयन किया गया. वहीं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल को अधिकृत किया गया. धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ होने के बाद धान में नमी एवं किसानों के द्वारा बोनस की आशा में धान क्रय का कार्य जिले में प्रभावित हो रहा है. इससे जिले में धान अधिप्राप्ति में लक्ष्य को पूरा करना संभव नहीं दिख पा रहा है.
बोले अधिकारी
जिला सहकारिता पदाधिकारी विद्या भूषण मिश्रा ने बताया कि जिले में सभी पैक्स स्थित क्रय केंद्र पर धान क्रय का कार्य किया जा रहा है. सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को दिया जा रहा है. सरकार द्वारा दिया गया लक्ष्य पूरा किया जायेगा.
