लखीसराय. बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ (एक्टू) एवं सफाई मजदूरों ने संयुक्त रूप से अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ भवन पंजाबी मोहल्ला में मजदूर दिवस मनाया. जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव कामरेड चंद्रदेव यादव ने किया. मजदूरों के गीतों से कॉ दिनदयाल यादव व बिन्देश्वरी मांझी ने अपनी आवाज देते हुए शुरू किया, मंच संचालन संघ के जिला प्रभारी शिवनंदन पंडित ने किया. उन्होंने 01 मई को मजदूर दिवस पर कहा कि सबसे पहले 01 मई 1886 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या मई दिन की शुरुआत किया गया, जब अमेरिका की मजदूर यूनियनों ने काम का समय आठ घंटे से अधिक न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी. जिसके कुछ समय के बाद अमेरिका में आठ घंटे काम करने का समय निश्चित कर लिया गया. भारत में मजदूर दिवस पहली बार लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान के नेता कामरेड सिंगारवेलु चेट्टियार के द्वारा चेन्नई में 01 मई 1923 को मनाने का शुरूआत किया. इसे भारत में कई राज्यों बिहार, झारखंड, गोवा कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मनायी जाती है और 01 मई को सार्वजनिक अवकाश रहता है. फिलहाल तो कंपनी मालिक की मनमर्जी चलने लगी. मजदूरों के साथ शोषण शुरू हो गया है. मजदूर अपनी आवाज उठा नहीं सकते, आवाज उठाने पर उन्हें निकाल दिया जाता है. बैठक में बैठक में शोभा देवी, सीता देवी, प्रेमलता देवी, ललिता देवी, मानो देवी, शांति देवी, उर्मिला देवी, खुशी देवी, सुमित्रा देवी, किरण देवी, सरिता देवी, देवकी देवी, मनिता देवी, अनीता देवी, मुन्नी देवी, सुलेखा कुमारी, गोरेलाल दास, रुक्मिणी देवी, चिन्ता देवी आदि उपस्थित थे.
बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ ने मनाया मजदूर दिवस
बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ ने मनाया मजदूर दिवस
