सेंटिंग ट्रैक पर धू-धू कर जली रेस्ट वैन
आगजनी में खाक हुई सवारी बोगी का उपयोग रेलकर्मियों के आवासन के लिए होता था. आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी. इस हादसे में डिब्बे में रखे रेलकर्मियों के कागजात, कपड़े सहित अन्य सामान जल गये. मौके पर पहुंचे जसीडीह आरपीएफ ने मामले की छानबीन की.
सिमुलतला : मंगलवार को सिमुलतला स्टेशन के सेंटिंग ट्रैक पर खड़ी ट्रैक मशीन स्टाफ रेस्ट वैन में अचानक आग लग गयी. जिसमें रेलवे की लाखों की संपत्ति जल कर राख हो गयी. जानकारी के अनुसार उक्त रेस्ट वैन में ट्रैक मशीन स्टाफ सीके सार, शुकदेव कोल व स्वप्न सरकार सहित कई स्टाफ रहते थे. मंगलवार की सुबह नौ बजे ये लोग लाहावन-सिमुलतला रेल खंड पर ट्रैक मरम्मती का कार्य के लिए गये थे. दोपहर 11:10 मिनट पर उक्त वैन में आग की लपट को देख पीडब्ल्यूआइ के स्टोर में कार्यरत कर्मचारी दिनेश्वर ने इसकी सूचना रेलवे के अन्य कर्मचारी व अधिकारियों को दी.
जब तक लोग घटना स्थल पर एकत्रित हुए आग ने पूरे डब्बे को अपने आगोश में ले लिया था. कुछ स्थानीय लोगों द्वारा आग बुझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वे लोग विफल रहे. साथ ही स्टेशन में मौजूद 12 अग्निशमन टैंक का इस्तेमाल भी किया गया, लेकिन आग के तेज लपेटों के सामने किसी का कोई तरकीब काम नहीं आया. बताया जाता है कि डब्बे में खिंची गयी बिजली के तार की शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी. घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह आरपीएफ इंस्पेक्टर डीके पांडेय, आइओडब्ल्यू राजेश कुमार, आइएएम अमरेश मोहन भी घटना स्थल पर पहुंचे, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका.
वहां पहुंचे ट्रैक मशीन स्टाफ ने बताया कि उक्त वैन में रखें 15 हजार नकदी, कपड़ा, बर्तन, खाने की साम्रगी, ट्रैक मरम्मती के सामान सहित आवश्यक कागजात जल गये हैं. वर्तमान में शरीर में पहने कपड़े के अलावे हमलोगों के पास कुछ भी नहीं बचा है. घटना को लेकर वहां उपस्थित रेल अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों को कुछ भी बताने से इनकार कर रहे थे.
