स्कूलों में टूटे व घिसे ब्लैकबोर्ड बन सकते हैं वार्षिक परीक्षा में बड़ी बाधा
प्रश्नपत्र उतारने व उत्तर लिखने के दोहरे दबाव में समय प्रबंधन को लेकर छात्र व अभिभावक चिंतित
ठाकुरगंज. सरकारी विद्यालयों में शुरू हो रही वार्षिक परीक्षा को लेकर एक नयी समस्या सामने आ गयी है. इस बार प्रश्नपत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे व वीक्षक शिक्षकों को प्रश्न ब्लैकबोर्ड पर लिखने होंगे. लेकिन कई विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड की स्थिति ही खराब है, जिससे शिक्षकों व छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों में ब्लैकबोर्ड टूटे या घिसे हुए हैं, जिन पर साफ-साफ लिखना भी मुश्किल होता है. ऐसे में यदि पूरे प्रश्नपत्र को बोर्ड पर लिखना पड़ेगा तो छात्रों को प्रश्न पढ़ने और समझने में दिक्कत हो सकती है.
नयी व्यवस्था के अनुसार परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले ही प्रश्नपत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके बाद कक्षा में मौजूद शिक्षक प्रश्नों को ब्लैकबोर्ड पर लिखेंगे व छात्र-छात्राओं को पहले उन्हें अपनी उत्तरपुस्तिका में उतारना होगा, उसके बाद ही उत्तर लिखना होगा. शिक्षकों का कहना है कि ब्लैकबोर्ड पर जगह कम होने के कारण एक बार में सभी प्रश्न लिखना संभव नहीं होगा. ऐसे में एक-एक कर प्रश्न लिखने पड़ेंगे, जिससे परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है.इधर अभिभावकों का भी कहना है कि जब बच्चों को प्रश्नपत्र की कॉपी नहीं मिलेगी व कई स्कूलों में ब्लैकबोर्ड भी ठीक नहीं हैं, तो यह व्यवस्था छात्रों के लिए और कठिन साबित हो सकती है. शिक्षकों का मानना है कि यदि इस व्यवस्था को लागू करना है तो पहले विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करना जरूरी है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. खराब ब्लैकबोर्ड व नयी तकनीक के तालमेल के अभाव में छात्रों के परीक्षा परिणाम पर असर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है.
