महानंदा नदी तट से जल भरकर निकाली गयी भव्य कलश शोभायात्रा
बिहार व बंगाल की मंडलियों द्वारा अष्टजाम संकीर्तन व रासलीला का आयोजन
किशनगंज. किशनगंज ग्रामीण क्षेत्र के फुलवारी गांव में बुधवार को श्रद्धा, आस्था व भक्ति के अद्भुत संगम के बीच 72 घंटे के रामधुन का भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. शोभायात्रा के दौरान महिलाओं ने पीताम्बर वस्त्र धारण कर माथे पर कलश लेकर धार्मिक अनुशासन व भक्ति भाव के साथ फुलवारी से मौजावाड़ी स्थित महानंदा नदी तट तक पदयात्रा की. वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र जल भरकर श्रद्धालु पुनः शोभा यात्रा के रूप में आयोजन स्थल लौटे. इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना व मंत्रोच्चार के साथ कलश के पवित्र जल से भगवान विष्णु का अभिषेक किया गया. वातावरण हरे राम, हरे कृष्ण के जयघोष से गुंजायमान हो उठा व पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया. अपराह्न से विधिवत 72 घंटे का अष्टजाम संकीर्तन आरंभ हुआ, जिसमें बिहार व पश्चिम बंगाल से आए विभिन्न संकीर्तन मंडलियों के कलाकार अपनी मधुर भक्ति स्वर लहरियों से वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं. संकीर्तन के माध्यम से भगवान के नाम का गुणगान किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति देखने को मिल रही है.
रात्रि के समय भक्तों के लिए रासलीला का भी विशेष आयोजन किया गया है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का मंचन किया जाएगा. इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं व भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि संकीर्तन के दौरान निरंतर भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण व धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहेगा. इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना हुआ है. लोग श्रद्धा के साथ इसमें सहभागिता कर रहे हैं.