एनीमिया मुक्त भारत अभियान को ले कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

संतुलित आहार तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र में रेफरल के लिए प्रेरित करें.

By AWADHESH KUMAR | January 14, 2026 8:26 PM

किशनगंज

मातृत्व एनीमिया के प्रभावी प्रबंधन और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में स्वास्थ्य विभागके द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत निरंतर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जिले के स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ आशा दिवस के अवसर पर ठाकुरगंज प्रखंड में आशा दीदियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.प्रशिक्षण के दौरान डीसीएम सुमन सिन्हा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के खून में 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम हीमोग्लोबिन एनीमिया की श्रेणी में आता है और इसकी गंभीरता के अनुसार उपचार किया जाना चाहिए. गंभीर और अति गंभीर एनीमिया की स्थिति में प्रसव के दौरान माँ और शिशु दोनों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

आशा दिवस पर ठाकुरगंज में आशा दीदियों को विशेष प्रशिक्षण

आशा दिवस के अवसर पर जिले के ठाकुरगंज प्रखंड में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीसीएम सुमन सिन्हा के द्वारा आशा दीदियों को गर्भावस्था में एनीमिया के खतरे, लक्षण एवं बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई.

उन्होंने बताया कि आशा दीदिया घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, आयरन-फोलिक एसिड के नियमित सेवन, संतुलित आहार तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र में रेफरल के लिए प्रेरित करें. समुदाय स्तर पर व्यवहार परिवर्तन लाने में आशा दीदियों की सक्रिय भूमिका को अत्यंत आवश्यक बताया गया. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि निरंतर प्रशिक्षण, फील्ड-स्तरीय निगरानी और आशा दीदियों की सक्रिय भागीदारी से किशनगंज जिले में एनीमिया की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में ठोस प्रयास जारी हैं, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व मिल सके.

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