सीएम का कार्यक्रम सीमित होने से योजनाएं रह गयी अधूरी

सीएम का कार्यक्रम सीमित होने से योजनाएं रह गयी अधूरी

ठाकुरगंज. काश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारे गांव भी आते व हमारे दर्द को नजदीक से देखते तो हमारी भी तक़दीर बदलती, यह पीड़ा ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली पंचायत के लोधाबाड़ी गांव के लोगों की है. समृधि यात्रा के पहले के कार्यक्रम में लोधाबाड़ी गांव का दौरा शामिल था. छह फरवरी को होने वाले इस कार्यक्रम को देखते हुए गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पोखर व सड़क की तैयारियां शुरू हो गयी थीं. निजी पोखर को साफ करने के लिए उसके स्वामी से सम्पर्क किया गया, बिना सेविका वाले आंगनबाड़ी केंद्र में बगल के केंद्र की सेविका को अस्थायी रूप से सेंटर चलाने को कहा गया. स्कूल में भी सफाई व रंगरोगन कराया गया. लेकिन अचानक कार्यक्रम सिमित कर दिया गया व केवल कृषि फार्म में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास, पॉवर ग्रिड में समीक्षा बैठक व बाईपास निर्माण निरीक्षण किया गया. इसके बाद लोधाबाड़ी गांव के लोग निराश दिखने लगे हैं. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में स्कूल में मनरेगा पीओ को कुंए की मरम्मत, फेबर ब्लॉक लगाने, खेल मैदान डेवलप करने व पोषक वाटिका निर्माण का आदेश दिया गया था. साथ ही आईटीसी लैब व पुस्तकालय की सफाई व दुरुस्ती के निर्देश भी दिए गए थे, जो अब शिथिल हो गए हैं. मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड में थे. कार्य प्रमंडल किशनगंज के अभियंता ने लोधाबाड़ी गांव जाने वाली दोनों सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था. एक रास्ते पर काम शुरू हुआ, दूसरे जर्जर रास्ते को सुधारने के लिए गड्ढे भरे गए, लेकिन कार्यक्रम सिमित होने के बाद सड़क मरम्मत भी बंद हो गयी. इस गांव में लगभग चार दर्जन परिवार भूमिहीन हैं. चुरली मौजा के खाता संख्या 550 खेसरा 4892 में रहने वाले ये परिवार मुख्यतः एसटी व ईबीसी समुदाय से संबंधित हैं. अधिकांश के पास बिजली का कनेक्शन है. कई को इंदिरा आवास भी मिल चुका है. वर्षों से ये लोग जमीन बंदोबस्त की मांग करते रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही मिली. इस बार लोगों की उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के आगमन से उन्हें जमीन बंदोबस्त का पर्चा मिलेगा, लेकिन उनकी उम्मीदें अधूरी रह गयी.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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