ठाकुरगंज शहर में पारंपरिक लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक गणगौर उत्सव बड़े उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. महिलाओं और युवतियों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. वे पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मां गौरी और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना कर रही हैं. विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर गणगौर गीत गाए और लोक परंपराओं को जीवंत किया. कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां सजाई गई, जिनमें गणगौर की प्रतिमाओं को सुंदर ढंग से सजाकर शोभायात्राएं निकाली गई. बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को भव्य बनाने में योगदान दिया. बताते चले गणगौर उत्सव केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का भी महत्वपूर्ण अवसर है. यह पर्व सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश देता है.
गणगौर उत्सव में झलकी परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक एकता, महिलाओं ने भक्ति-भाव से किया पूजन
गणगौर की प्रतिमाओं को सुंदर ढंग से सजाकर शोभायात्राएं निकाली गई.
