तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम का द्वितीय स्थापना दिवस संपन्न, संतों की वाणी से गुंजायमान हुआ वातावरण
मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित, आध्यात्मिकता और समाज सेवा का दिखा अनूठा संगम
किशनगंज. जब मंच पर संतों की वाणी गूंजती है व समाज सेवा का संकल्प भावनाओं में उतरता है, तब कोई आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन जाता है. कुछ ऐसा ही दृश्य तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में देखने को मिला. पूज्य मुनि डॉ ज्ञानेन्द्र कुमार जी, मुनि प्रशांत कुमार जी, मुनि कुमुद कुमार व मुनि पदम कुमार के सानिध्य ने पूरे वातावरण को दिव्य ऊर्जा से भर दिया. उनकी उपस्थिति ने संदेश दिया कि जीवन की भागदौड़ में भी आत्मा की शांति व समाज के प्रति कर्तव्य को नहीं भूलना चाहिए.
मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल का संबोधन
इस अवसर पर बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया. अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है. उन्होंने संतों के सानिध्य को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए स्पष्ट किया कि समाज का वास्तविक विकास केवल भौतिक प्रगति से नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक उन्नति से संभव है.
मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण तब आया, जब मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. कोमल चोरड़िया, यश बोकारिया, ईशा दुग्गड़, उज्ज्वल दुग्गड़ और ऋषिका बोथरा को उनकी उपलब्धियों के लिए सराहा गया. दो वर्ष पूर्व संतों की प्रेरणा से शुरू हुआ यह फोरम आज युवा पेशेवरों को नैतिकता और संस्कार से जोड़ने वाली एक सशक्त विचारधारा बन चुका है.
संतों के वचन व गणमान्य जनों की उपस्थिति
संतों ने अपने प्रवचन में बताया कि जीवन की सच्ची सफलता वही है, जिसमें व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज के लिए भी जीता है. संयम, सेवा और संस्कार ही सार्थक जीवन के आधार हैं. कार्यक्रम में नेपाल-बिहार अध्यक्ष चैनरूप दुग्गड़, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष मोहनलाल लूनिया, महिला मंडल अध्यक्षा सोनिया श्रीमाल, तेयुप अध्यक्ष दिलीप सेठिया, पूर्व एबीटीवाईपी महामंत्री मनीष दफ्तरी तथा कन्हैयालाल बोथरा सहित अनेक लोग मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन प्रियंका दफ्तरी ने किया तथा अंत में शैली कुमारी द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया.
