सरकारी स्कूलों में सफाई व्यवस्था की होगी बड़ी जांच, 7 प्रखंडों में उतरेगी टीम

School Cleanliness Investigation: किशनगंज में सरकारी स्कूलों की सफाई व्यवस्था की जांच होगी. डीईओ ने सातों प्रखंडों में जांच टीम तैनात की है. हाउसकीपिंग एजेंसी के कार्यों और सफाई कर्मियों की उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

School Cleanliness Investigation: सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई के नाम पर खर्च हो रही सरकारी राशि और जमीनी स्तर पर उसकी वास्तविक स्थिति की पड़ताल के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) किशनगंज के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में हाउसकीपिंग एजेंसी द्वारा कराए जा रहे सफाई कार्यों की जांच की जाएगी.

जांच के दौरान विद्यालय परिसर, कक्षाओं, बरामदों, शौचालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भौतिक सत्यापन किया जाएगा. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि एजेंसी द्वारा नियुक्त सफाई कर्मी नियमित रूप से विद्यालयों में उपस्थित होकर कार्य कर रहे हैं या नहीं.

सातों प्रखंडों में तैनात किए गए जांच अधिकारी

डीईओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार किशनगंज प्रखंड की जांच जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) करेंगे. कोचाधामन प्रखंड की जांच जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) को सौंपी गई है. बहादुरगंज एवं दिघलबैंक प्रखंडों की जांच जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (पीएम पोषण योजना) करेंगे.

इसी प्रकार पोठिया एवं ठाकुरगंज प्रखंडों की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को दी गई है, जबकि टेढ़ागाछ प्रखंड की जांच जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) करेंगे. सभी अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

केवल कागजी जांच नहीं, होगा भौतिक सत्यापन

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी. अधिकारी सीधे विद्यालयों में पहुंचकर यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन स्कूलों में सफाई व्यवस्था के लिए एजेंसी को भुगतान किया जा रहा है, वहां वास्तव में नियमित सफाई हो रही है या नहीं. सफाई कार्यों की गुणवत्ता और कर्मियों की उपस्थिति की भी जांच की जाएगी.

प्रधानाध्यापकों को सख्त चेतावनी

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण के दौरान उनकी उपस्थिति अनिवार्य होगी. यदि किसी विद्यालय में जांच के समय प्रधानाध्यापक अनुपस्थित पाए गए या विद्यालय बंद मिला तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा.

डीईओ ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

जिले के कई सरकारी विद्यालयों में समय-समय पर साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में शिक्षा विभाग की यह विशेष जांच यह तय करेगी कि हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से संचालित सफाई व्यवस्था वास्तव में प्रभावी है या फिर यह केवल कागजों तक सीमित है.

डीईओ के इस आदेश के बाद जिले के सरकारी विद्यालयों में हलचल तेज हो गई है. अब शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.

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Published by: Shruti Kumari

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