मजूदरी कराने परदेस ले जा रहे 10 बच्चों को आ��पीएफ ने कराया मुक्त

मजूदरी कराने परदेस ले जा रहे 10 बच्चों को आरपीएफ ने कराया मुक्त

किशनगंज. किशनगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार की शाम दूसरे शहर में मजदूरी कराने ले जा रहे 10 बच्चों को मुक्त करवाया है. कार्रवाई एएचटीयू के तहत की गई. आरपीएफ के सहायक अवर निरीक्षक एच पी एस सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम ने चाइल्ड हेल्प लाइन के साथ मिलकर यह अभियान चलाया. शाम करीब 4:40 बजे प्लेटफॉर्म संख्या दो पर संदिग्ध हालत में घूम रहे इन बच्चों को देखा गया. पूछताछ में पता चला कि इनमें से कुछ बच्चे किशनगंज और पूर्णिया जिले के हैं. जबकि कुछ पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रहने वाले हैं. सभी बच्चों की उम्र 13 से 16 साल के बीच है. पूछने पर आरपीएफ को बताया कि उन्हें काम करने के लिए अलग-अलग राज्यों में ले जाया जा रहा था. आरपीएफ ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं और सत्यापन के बाद इन बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन किशनगंज के पर्यवेक्षक अब्दुल कैयूम के सुपुर्द कर दिया है. बच्चों की सेहत ठीक बताई जा रही है. आरपीएफ निरीक्षक एच के शर्मा ने बताया कि विशेष अभियान के तहत चाइल्ड हेल्प लाइन के सहयोग से 10 बच्चों को मुक्त करवाया गया है. इन बच्चों को किसी टेन से बाल मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में ले जाए जाने की योजना थी. आरपीएफ के द्वारा अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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By Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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