किशनगंज. जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में ठाकुरगंज प्रखंड के तवलीभीता गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर शनिवार को एक विशेष माता बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में माताओं को बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन, सुरक्षित संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया.
प्रथम 1000 दिन व स्तनपान पर विशेष जोर
बैठक के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने माताओं को समझाया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के शुरुआती 1000 दिन उसके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना व छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. यह न केवल शिशु के लिए, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही लाभकारी है.
एचपीवी वैक्सीन व पूर्ण टीकाकरण की जानकारी
यूनिसेफ बीएमसी एजाज अहमद ने बैठक में मौजूद महिलाओं को टीकाकरण की समय सारणी की जानकारी दी. उन्होंने विशेष रूप से किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर चर्चा की और बताया कि यह भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है. माताओं से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और समय पर उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराएं.
संस्थागत प्रसव से सुरक्षित होगी मां व नवजात की जान
स्वास्थ्य कर्मियों ने ”गृह प्रसव मुक्त पंचायत” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि घर पर प्रसव कराना जोखिम भरा हो सकता है. मां व नवजात की सुरक्षा के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही प्रसव कराना चाहिए. इसके साथ ही परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में बताते हुए कहा गया कि छोटा व संतुलित परिवार ही बेहतर भविष्य की नींव है.
अधिकारियों का संदेश
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसी बैठकों के माध्यम से जागरूकता फैलाना विभाग की प्राथमिकता है. वहीं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने टीकाकरण को स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी बताते हुए एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही. बैठक में माताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया व स्वास्थ्य कर्मियों से अपने मन की जिज्ञासाओं व सवालों का समाधान प्राप्त किया.
