गलगलिया-अररिया रेल खंड पर लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं चलने से ठगा महसूस कर रहे लोग

गलगलिया-अररिया रेल खंड पर लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं चलने से ठगा महसूस कर रहे लोग

By AWADHESH KUMAR | January 13, 2026 9:50 PM

अमृत भारत एक्सप्रेस को अररिया-गलगलिया रूट से चलाने की उठी मांग, तीन सांसदों ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

ठाकुरगंज. नवनिर्मित गलगलिया-अररिया रेल खंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट के बाद अब सुपौल और झंझारपुर के सांसदों ने भी रेल मंत्री को पत्र लिखकर डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस (15949/50) को गलगलिया-अररिया और फारबिसगंज-दरभंगा के रास्ते चलाने की मांग की है.

कटिहार-बरौनी रेलखंड पर दबाव कम करने की दलील

सांसदों ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि वर्तमान में कटिहार-बरौनी रेलखंड पर परिचालन का अत्यधिक दबाव है. हाल ही में स्वीकृत तीन नई ट्रेनों को भी इसी रूट से प्रस्तावित किया गया है. ऐसे में यदि डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन न्यू जलपाईगुड़ी से बागडोगरा, ठाकुरगंज, गलगलिया, अररिया, फारबिसगंज और दरभंगा के रास्ते किया जाता है, तो इससे कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.

उद्घाटन के तीन माह बाद भी रूट पड़ा है सूना

सांसदों ने रेल मंत्री को याद दिलाया कि गलगलिया-अररिया रेल खंड का उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा 15 सितंबर 2025 को किया गया था. हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी इस रूट पर किसी लंबी दूरी की ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. इस रूट के उपयोग से नवनिर्मित आधारभूत संरचना का समुचित लाभ मिल सकेगा.

इन ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन की भी है मांग

इससे पहले दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट ने भी चार अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को बागडोगरा-ठाकुरगंज-अररिया मार्ग से चलाने का अनुरोध किया था. 16597 बेंगलुरु-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस, 20604 नागरकोइल-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस, 20610 तिरुचिरापल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस, 11031 पनवेल-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस के मार्ग में परिवर्तन की भी मांग की गयी है. सांसदों का मानना है कि इन ट्रेनों को नए रूट पर डायवर्ट करने से एनजेपी स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा और उत्तर बिहार व पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी.

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