पोठिया में हिंदू सम्मेलन सह समरसता भोज का आयोजन, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
किशनगंज. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को पोठिया प्रखंड के सालोगारा पंचायत में भव्य हिंदू सम्मेलन सह सामाजिक समरसता भोज का आयोजन किया गया. इस समागम में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. विशेषकर महिलाओं की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी.
प्राथमिक पहचान हिंदू, जातियों में बंटने की साजिश से रहें दूर
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सह संघ के पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांतीय अधिकारी देवदास ने कहा कि हिंदू धर्म को जातियों व वर्गों में बांटने की साजिशें सदियों से होती रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यक्ति की जाति चाहे जो भी हो, उसकी पहली व वास्तविक पहचान हिंदू है. समाज की असली ताकत हमारी एकजुटता में ही निहित है. उन्होंने आह्वान किया कि जाति और वर्ग के संकुचित दायरे से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, सहयोग और सम्मान की भावना विकसित करनी होगी.
पर्यावरण संकट पर जताई चिंता
देवदास ने जल, जमीन व जंगल के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि आज पर्यावरणीय संकट एक वैश्विक समस्या बन चुका है. जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना होगा. उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने की अपील की.
एक पंगत में बैठकर दिया एकता का संदेश
सम्मेलन के समापन पर भव्य ”सामाजिक समरसता भोज” का आयोजन किया गया. इसमें समाज के सभी वर्गों और जातियों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जो आपसी भेदभाव मिटाने और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बना. आयोजक खंड पालक सत्यनारायण पंडित ने कहा कि यह आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की एक सार्थक पहल है. इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर प्रांतीय अधिकारी देवदास का स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया. वक्ताओं ने समाज में संस्कार आधारित जीवनशैली अपनाने व सेवा कार्यों को गति देने की आवश्यकता पर भी बल दिया.