हृदय रोग में त्वरित निर्णय से ही बच सकती है जान: सीएस

गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हुआ विशेष सत्र

-ईसीजी एक सरल, त्वरित और प्रभावी तकनीक है – सीएस

-गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हुआ विशेष सत्र किशनगंज

राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सदर अस्पताल के कॉन्फ्रेंस रूम में ईसीजी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण का संचालन अनिक्रा फाउंडेशन की ट्रेनर एवं एसडीईएमआई कोऑर्डिनेटर, रंजुषा कुमारी ने किया. इसमें जिले के सभी प्रखंडों व जिला अस्पताल से तीन-तीन नामांकित स्टाफ नर्स ने भाग लिया.

गंभीर रोगों की समय पर पहचान में मददगार होगा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को हृदय रोग संबंधी आपात स्थितियों में समय पर ईसीजी परीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट को सही ढंग से पढ़ने की क्षमता प्रदान करना था. सिविल सर्जन डा राज कुमार चौधरी ने कहा कि हृदय रोग जैसे गंभीर मामलों में त्वरित निर्णय ही मरीज की जान बचाता है. इस प्रशिक्षण से हमारे स्टाफ नर्स समय रहते ईसीजी कर सकेंगे और विशेषज्ञ चिकित्सक को सही जानकारी भेज पाएंगे. यह पहल जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगी.

गैर-संचारी रोगों पर नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत कदम

जिले के गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ उर्मिला कुमारी ने कहा कि आज की जीवनशैली में हृदय रोग, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं. समय पर ईसीजी करने और रिपोर्ट की सही समझ होने से हम कई जिंदगियां बचा सकते हैं.

अनिक्रा फाउंडेशन की सराहनीय पहल

प्रशिक्षण का संचालन कर रही एसटीईएमआई कोऑर्डिनेटर रंजुषा कुमारी ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर तुरंत जांच की सुविधा मिलेगी और हृदयाघात जैसी गंभीर स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार की संभावना बढ़ेगी.

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By AWADHESH KUMAR

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