स्वास्थ्य विभाग व यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से मिली सफलता, 2025 की रणनीतियों पर हुई समीक्षा बैठक
पूर्ण टीकाकरण में उपलब्धि, अब प्रथम स्थान का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि सहयोगी संस्थाओं के निरंतर सहयोग और स्वास्थ्य विभाग की टीमवर्क के कारण जिला पूरे सूबे में पूर्ण टीकाकरण के मामले में दूसरे स्थान पर है, जो सभी के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य प्रथम स्थान प्राप्त करना है, जिसके लिए सभी को और अधिक समर्पण के साथ कार्य करना होगा. वहीं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने कहा कि नियमित टीकाकरण, माइक्रोप्लानिंग, फील्ड मॉनिटरिंग और समुदाय के साथ सतत संवाद को और मजबूत किया जाएगा, ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके.यूनिसेफ व सहयोगी संस्थाओं का प्रभावी योगदान
डॉ देवेंद्र कुमार ने बताया कि यूनिसेफ द्वारा नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण, सामुदायिक बैठकों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों और निगरानी तंत्र को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है. यूनिसेफ के फील्ड स्तर के कर्मियों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया है.स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं में समन्वय पर जोर
इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन और डीपीओ आइसीडीएस अनीता कुमारी भी मौजूद रहीं. अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बीच बेहतर समन्वय से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है.समीक्षा बैठक में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ प्रीतम घोष, सहयोगी संस्थाओं सिफार, पीएसआइ इंडिया और पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधियों के साथ यूनिसेफ की ओर से एसएमसी एजाज अफजल, डीपीएम डॉ मुनाजिम, डीसीएम सुमन सिन्हा व डीपीसी विश्वजीत कुमार उपस्थित थे.सभी ने वर्ष 2025 में किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण करते हुए टीकाकरण, निगरानी, क्षमता निर्माण और जनजागरूकता अभियानों की प्रगति की जानकारी साझा की. अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यूनिसेफ और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ यह साझेदारी जिले को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाने में निर्णायक साबित हो रही है. आने वाले समय में इन प्रयासों को और गति देकर किशनगंज को स्वास्थ्य संकेतकों में राज्य के शीर्ष जिलों में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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