भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को अधिक चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कुर्लीकोट थाना क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सीमा समन्वय बैठक (Border Coordination Meeting) आयोजित की गई. कुर्लीकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में भारतीय पुलिस, 19वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक के तुरंत बाद दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त गश्ती (Joint Patrol) कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
सीमा पार अपराध और तस्करी पर कसने लगी नकेल
बैठक के दौरान दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों को रोकने पर गहन चर्चा की:
- रणनीति पर चर्चा: सीमा पार से होने वाले नशीले पदार्थों व वस्तुओं की तस्करी, जाली नोट, घुसपैठ, अवैध आवाजाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के लिए संयुक्त रणनीति बनाई गई.
- सूचनाओं का आदान-प्रदान: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत एक-दूसरे से साझा (Real-time Information Sharing) करने पर सहमति बनी ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके.
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों का निकला मार्च
बैठक संपन्न होने के पश्चात कुर्लीकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में भारतीय पुलिस, एसएसबी और नेपाल एपीएफ के जवानों व अधिकारियों ने भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त गश्ती की:
- संवेदनशील इलाकों में निगरानी: गश्ती दल ने सीमा स्तंभों (Border Pillars) का निरीक्षण किया और संवेदनशील व संदिग्ध रास्तों पर विशेष गश्त लगाई.
- आपसी तालमेल में वृद्धि: अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित समन्वय बैठकों और संयुक्त फ्लैग मार्च से दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच आपसी विश्वास और बेहतर तालमेल सुनिश्चित होगा, जिससे सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा.
