किशनगंज से राहुल कुमार की रिपोर्ट
Garbage Dumping Issue: सरकार और नगर परिषद प्रशासन भले ही ‘स्वच्छ किशनगंज-सुंदर किशनगंज’ के बड़े-बड़े दावे करता हो, लेकिन शहर के कई रिहायशी इलाके आज भी प्रशासनिक उपेक्षा के कारण डंपिंग जोन में तब्दील हो रहे हैं. ताजा मामला किशनगंज शहर के वार्ड संख्या 29 स्थित डुमरिया भट्टा क्षेत्र का है. यहां पुराना भाजपा कार्यालय वाली गली इन दिनों घोर बदहाली और नारकीय स्थिति से गुजर रही है. मुख्य सड़क और गलियों में चारों तरफ फैला कचरे का विशाल अंबार स्थानीय शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. इस अव्यवस्था से आक्रोशित वार्ड वासियों का कहना है कि बार-बार ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि और सफाई शाखा के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं.
उमस में सड़ रहा है कूड़ा; मुंह पर कपड़ा ढककर निकलने को मजबूर राहगीर
- सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप: स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस घनी आबादी वाली गली में नगर परिषद के सफाईकर्मियों द्वारा नियमित रूप से झाड़ू नहीं लगाई जाती है और न ही डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहन समय पर पहुंचता है. कई-कई दिनों तक कूड़े का उठाव नहीं होने से यहां गंदगी का पहाड़ खड़ा हो गया है.
- तीव्र दुर्गंध से सांस लेना दूभर: जून महीने की भीषण धूप और उमस भरी गर्मी के कारण सड़कों पर फेंका गया गीला और सूखा कचरा तेजी से सड़ रहा है. इससे पूरे मोहल्ले में इस कदर तीव्र दुर्गंध (बदबू) फैल गई है कि लोगों का अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे खोलना भी मुश्किल हो गया है. इस राह से गुजरने वाले मुसाफिर और स्कूली बच्चे अपने मुंह और नाक को कपड़े से ढककर चलने को मजबूर हैं.
महामारी और गंभीर बीमारियों का खतरा; डंपिंग ज़ोन बनने से बढ़ा आक्रोश
मच्छरों का बढ़ा आतंक: मोहल्ले वासियों ने कड़े शब्दों में आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि रोजाना कचरा न उठाए जाने की वजह से यह रिहायशी इलाका अब अनौपचारिक डंपिंग जोन जैसा दिखने लगा है. गंदगी के इस ढेर पर दिनभर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है, जो कचरे को पूरी सड़क पर बिखेर देते हैं. इसके अलावा, सड़ते कूड़े के कारण मच्छरों, मक्खियों और अन्य हानिकारक कीटों का प्रकोप कई गुना बढ़ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रामक महामारियों के फैलने का खतरा चौबीसों घंटे मंडरा रहा है.
वार्ड पार्षद और नगर प्रशासन को अल्टीमेटम:
डुमरिया भट्टा के पीड़ित और आक्रोशित निवासियों ने किशनगंज नगर परिषद प्रशासन, मुख्य पार्षद और स्थानीय वार्ड पार्षद से पुरजोर मांग की है कि इस गली में अविलंब डंपर भेजकर संचित कचरे के ढेर को हटाया जाए. साथ ही, इलाके में नियमित रूप से झाड़ू लगाने, कचरा उठाने और जलजमाव वाले स्थानों पर कीटनाशक दवाओं व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए. स्थानीय युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर मोहल्ले को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति नहीं मिली, तो वे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर कचरा फेंककर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
