प्रशासन की पहल से थमा बाल विवाह

प्रशासन की पहल से थमा बाल विवाह

ठौआपड़ा गांव में 13 वर्षीय किशोरी की शादी की थी तैयारी, सूचना मिलते ही पहुंची टीम

किशनगंज. जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत ठौआपड़ा गांव में प्रशासन व जन निर्माण केंद्र की तत्परता से एक मासूम की जिंदगी बर्बाद होने से बच गयी. प्रशासन ने समय पर हस्तक्षेप कर 13 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवा दिया. परिजनों ने लिखित शपथ पत्र देकर स्वीकार किया कि वे बेटी की शादी 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे. जानकारी के अनुसार, जन निर्माण केंद्र को स्थानीय स्तर पर सूचना मिली थी कि गांव में एक नाबालिग की शादी तय की गयी है. सूचना की पुष्टि होते ही संस्था के जिला समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम ने अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार को अवगत कराया. उनके निर्देश पर अंचल अधिकारी (सीओ) सह सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी राहुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंची टीम ने परिजनों के साथ संवाद किया और उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धाराओं के बारे में विस्तार से बताया. अधिकारियों ने समझाया कि नाबालिग की शादी करना या उसमें सहयोग देना गैर-जमानती अपराध है. इसके साथ ही किशोरी के स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों की भी जानकारी दी गयी. प्रशासनिक अधिकारियों व संस्था के सदस्यों की बात सुनकर परिजन अपनी गलती मानने को तैयार हो गए और तुरंत विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया. टीम ने परिजनों से एक शपथ पत्र भरवाया, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपनी पुत्री की शादी कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही करेंगे. इस अभियान में सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता जफर अंजुम, सोमिला कुमारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस बल के जवान शामिल थे.

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By AWADHESH KUMAR

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