किशनगंज : उत्तर बंगाल और सीमांचल क्षेत्र में प्रचलित बांग्ला पंचांग के अनुसार इस वर्ष बांग्ला श्रावण (सावन) माह 18 जुलाई से 18 अगस्त तक रहेगा. इस दौरान 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त को कुल पांच सोमबार पड़ेंगे. बांग्ला सावन को लेकर ठाकुरगंज सहित पूरे क्षेत्र के शिवालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं.
हरगौरी मंदिर बनेगा आस्था का प्रमुख केंद्र
ठाकुरगंज का ऐतिहासिक एवं शताब्दी पुराना हरगौरी मंदिर बांग्ला सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है. यहां स्थापित स्वयंभू हरगौरी शिवलिंग की विशेषता यह है कि इसमें भगवान शिव और माता पार्वती का संयुक्त स्वरूप विद्यमान है. इसी कारण बिहार, पश्चिम बंगाल, नेपाल और उत्तर-पूर्व के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं.
1901 के आसपास हुई थी मंदिर की स्थापना
मंदिर का इतिहास भी बेहद गौरवशाली है. वर्ष 1901 के आसपास रवींद्रनाथ ठाकुर के वंशजों द्वारा इस मंदिर की स्थापना कराई गई थी. उसी समय पंडित भोलानाथ गांगुली को प्रथम मुख्य पुरोहित नियुक्त किया गया था. तब से लेकर आज तक गांगुली परिवार की चार पीढ़ियां मंदिर में पूजा-अर्चना की परंपरा निभा रही हैं. वर्तमान में जयंत गांगुली मुख्य पुजारी के रूप में दैनिक पूजा, आरती, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का दायित्व संभाल रहे हैं.
पांचों सोमबार होंगे विशेष अनुष्ठान
बांग्ला सावन के पांचों सोमबार को मंदिर में तड़के मंगला आरती, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना आयोजित होगी. मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर तैयारियों में जुटा है. पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है.
भोलेनाथ की आराधना से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है. यही कारण है कि बांग्ला सावन के दौरान ठाकुरगंज का हरगौरी मंदिर सीमांचल और उत्तर बंगाल के प्रमुख शिवधामों में शामिल हो जाता है.
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