किशनगंज से प्रतिनिधि की रिपोर्ट.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने सीमांचल में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कई जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है. पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने किशनगंज के सिंघिया स्थित पार्टी कार्यालय में इसकी आधिकारिक घोषणा की.
इन नेताओं को मिली जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी
पार्टी ने सीमांचल के चार जिलों में नए जिलाध्यक्षों का मनोनयन किया है.
- किशनगंज: गुलाम हसनैन.
- अररिया: इंजीनियर मंसूर आलम.
- पूर्णिया: शाहनवाज.
- कटिहार: आफताब कंचन.
विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन का मिला इनाम
किशनगंज के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गुलाम हसनैन ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था. चुनाव में उन्होंने जदयू प्रत्याशी गोपाल कुमार अग्रवाल को कड़ी टक्कर दी थी.
चुनाव परिणाम के अनुसार.
- गोपाल कुमार अग्रवाल (जदयू) को 85,243 वोट (34.71 प्रतिशत) मिले.
- गुलाम हसनैन (एआईएमआईएम) को 76,421 वोट (31.12 प्रतिशत) मिले.
- सऊद आलम (राजद) को 60,036 वोट मिले.
पार्टी नेताओं का मानना है कि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी देकर आगामी चुनावों की तैयारी शुरू कर दी गई है.
सीमांचल में संगठन मजबूत करने पर रहेगा फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एआईएमआईएम सीमांचल में अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. विधानसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक बदलाव की चर्चा पहले से चल रही थी. अब नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
जिलाध्यक्ष ने क्या कहा
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गुलाम हसनैन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे. उनकी प्राथमिकता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, युवाओं को पार्टी से जोड़ना और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना होगी.
कार्यक्रम में ये नेता रहे मौजूद
घोषणा के दौरान विधायक सरवर आलम, विधायक मुर्शीद आलम, पूर्व जिलाध्यक्ष नसीम अख्तर, वरिष्ठ नेता इश्तियाक अहमद समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
प्रमुख बातें
- एआईएमआईएम ने सीमांचल के चार जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए.
- किशनगंज में गुलाम हसनैन को मिली जिम्मेदारी.
- अररिया, पूर्णिया और कटिहार में भी नए जिलाध्यक्ष घोषित.
- विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन की कमान.
- पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना.
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