अर्राबाड़ी पशु चिकित्सा महाविद्यालय की पहल, मिरामनी गांव में पशुपालकों को मिला लाभ
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड अंतर्गत पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय अर्राबाड़ी द्वारा शनिवार को छत्तरगाछ पंचायत के मिरामनी गांव में पशु कल्याण सह बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य पशुओं में बढ़ रही बांझपन की समस्या का समाधान कर पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था. शिविर की आयोजिका डॉ नैंसी जसरोटिया ने बताया कि यह आयोजन निदेशालय प्रसार शिक्षा, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के निर्देशानुसार महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. चंद्रहास के दिशा-निर्देश में किया गया. इस दौरान वैज्ञानिकों ने पशुओं में होने वाले बांझपन के कारणों और उसके समाधान पर विस्तार से जानकारी दी. डॉ अभिषेक ने बताया कि पशुओं में खनिज मिश्रण की कमी और सही समय पर कृत्रिम गर्भाधान नहीं होने के कारण गर्भधारण में समस्या आती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने संतुलित आहार और समय पर उपचार पर विशेष जोर दिया. शिविर में विशेषज्ञों द्वारा पशुओं में बांझपन की समस्या का समाधान, सांडों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के उपाय, पशुओं में गर्मी के लक्षणों की पहचान, गर्भपात की समस्या, डिवर्मिंग तथा सामान्य बीमारियों से संबंधित परामर्श व उपचार उपलब्ध कराया गया. डॉ प्रत्युष कुमार ने बताया कि शिविर में 73 पशुपालकों के कुल 154 छोटे-बड़े पशुओं की जांच कर बांझपन से संबंधित समस्याओं का उपचार किया गया. साथ ही पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयां, खनिज तत्व और कृमिनाशक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया. बांझपन निवारण शिविर में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गांव के द्वार पर ही समस्याओं के समाधान के लिए किए गए इस प्रयास की सराहना करते हुए वैज्ञानिकों एवं महाविद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया.
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