समस्याओं से जूझ रहे दिघौन के घोरपिया मुशहरी टोला के लोग, उद्धारक की है तलाश

पगडंडी के सहारे ही आवाजाही करना उनके जीवन की नियति बनी हुई है बावजूद जिम्मेवार मौन है.

बेलदौर. प्रखंड के दिघौन पंचायत के घोरपिया मुशहरी टोला के लोग आजादी के 78 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो बेवशी का जीने जी रहे हैं. उक्त टोले में अबतक ना हीं सड़क सुविधा है न ही लोगों को पीने का शुद्ध पेयजल नसीब है. स्वास्थ्य सुविधा तो सपना है बीमार लोग को परिजनों के लिए खाट के सहारे मुख्य सड़क तक एवं ऑटो या साइकिल से पीएचसी तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है. लोगों की माने तो घोरपिया मुशहरी टोला के लोगों को कोई भी सरकारी सहायता राशि नहीं मिल रही है, पगडंडी के सहारे ही आवाजाही करना उनके जीवन की नियति बनी हुई है बावजूद जिम्मेवार मौन है. उक्त टोला के ग्रामीण गोगू सादा, कस्तूरी सादा, मिथुन सादा, बदलू सादा, मनोहर सादा, भारत सादा, गाजी सादा समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि कोई भी पदाधिकारी हो या जनप्रतिनिधि इन समस्याओं को दूर करने में अभिरुचि नहीं ले रहे हैं. इसी का नतीजा है कि बाढ बरसात में उक्त टोला टापू में तब्दील हो जाता है. ग्रामीणों ने नाराजगी जताते बताया कि चुनाव के समय ही प्रत्याशियों को इस मुहल्ले की समस्या नजर आती है लेकिन चुनाव समाप्त होते ही निर्वाचित प्रत्याशी लोगों को अपने हाल पर जीने के लिए छोड़ देते हैं. इससे समस्याओं के बीच जीवन बसर कर रहे लोगों में घोर नाराजगी पनप रही है. उक्त टोला में करीब ढाई सौ आबादी बताया जा रहा है बावजूद ढाई सौ आबादी को ना ही रास्ता है ना ही स्वच्छ पानी मिलता है ना ही सरकारी सुविधा से भी लोग वंचित हैं. वहीं समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों ने सरकार एवं अधिकारियों का ध्यानाकृष्ट कराते आवश्यक कारवाई की मांग की है.

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By RAJKISHORE SINGH

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